फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Investigation of post matric scholarship scam in Punjab will not be handed over to CBI

Punjab: सीबीआई को नहीं सौंपी जाएगी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले की जांच, सीएम मान ने पलटा फैसला

Sat, 20 Aug 2022 10:03 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 20 Aug 2022 10:03 AM IST
सार

पंजाब में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान केंद्र सरकार ने इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की सहमति जताई थी लेकिन पंजाब की तत्कालीन सरकार ने सीबीआई को मामले के दस्तावेज नहीं सौंपे।

विज्ञापन
Investigation of post matric scholarship scam in Punjab will not be handed over to CBI
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति जता चुकी पंजाब सरकार ने शनिवार को अपना फैसला पलट दिया। सीएम भगवंत मान ने मामले की जांच राज्य की एजेंसियों से ही कराने का एलान किया है। वाल्मीकि समाज के नेताओं के साथ शनिवार को सीएम की बैठक हुई थी। इसमें समाज ने मांग की थी कि स्कॉलरशिप मामले की जांच बाहरी एजेंसी को न दी जाए।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब भवन में वाल्मीकि समाज के नेताओं के साथ मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस घोटाले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की एजेंसियां अपने स्तर पर समर्थ हैं, इसलिए जांच सीबीआई या किसी अन्य केंद्रीय एजेंसी के हाथ में देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
विज्ञापन


पंजाब में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान केंद्र सरकार ने इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की सहमति जताई थी लेकिन पंजाब की तत्कालीन सरकार ने सीबीआई को मामले के दस्तावेज नहीं सौंपे। अब नई सरकार बनने के बाद सीबीआई ने नए सिरे से दस्तावेजों की मांग करते हुए जांच शुरू करने की अनुमति मांगी थी। पीएमओ के सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति जता दी थी लेकिन अभी तक घोटाले संबंधी दस्तावेज सीबीआई को नहीं सौंपे गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में इन मांगों पर भी हुआ विचार

बैठक के दौरान यह भी फैसला किया गया कि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के प्रबंधों संबंधी विवाद का मसला अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर की तरफ से सुलझाया जाएगा। लॉ अफसरों की नियुक्ति के मामले पर भगवंत मान ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इन पदों पर किसी भी और राज्य में आरक्षण नहीं है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस संबंधी कानूनी माहिरों के साथ सलाह-मशवरा कर रही है और जल्द ही भाईचारे को अच्छी खबर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि सफाई सेवकों की सेवाएं रेगुलर की जा रही हैं। 



मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने लुधियाना से इस मुहिम की शुरुआत कर दी है और आने वाले दिनों में राज्य में से ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि भविष्य में सभी भर्तियां रेगुलर आधार पर करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रसूखदार लोगों से वापस करवाई जा रही पंचायती जमीन में से 33 प्रतिशत जमीन अनुसूचित जाति भाईचारे को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मानक शिक्षा और मुकाबले का प्रशिक्षण देने के लिए मोहाली में अत्याधुनिक अम्बेडकर भवन का निर्माण किया जाएगा। भगवंत मान ने डीजीपी को सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्टें डालने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed