अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021: योग से जीत ली कोरोना से जंग, अब लिया प्रण-दिनचर्या में करेंगे शामिल
योगाचार्य एमएन शुक्ला के मुताबिक प्रतिदिन नियमित तौर पर योगासन करने से शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं में वृद्धि होती है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कोरोना वायरस या अन्य वायरस से बचाव करती है। कोरोना की तीसरी लहर की बात हो रही है। इससे जूझने के लिए सारे जरूरी कदम उठाने के साथ योग का भी अभ्यास शुरू कर देना चाहिए।
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आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। जिन लोगों ने योग से बीमारियों को मात दी, उन्होंने अब योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। इनमें ऐसे लोग भी है जो कोरोना से संक्रमित हो गए थे। इसके बाद से उनके दिमाग में हमेशा नकारात्मक सोच रहती थी। वह अपने आपको इस बीमारी से जकड़े हुए पा रहे थे। उन लोगों ने जब योग का सहारा लेते हुए रोजाना आसन किए तो उन्होंने कोरोना की जंग को जीत कर दिखाया।
योग से शरीर की ऊर्जा और ऑक्सीजन लेवल बढ़ा.. कोरोना पर पाई विजय
रोजाना लेक पर साइक्लिंग करता हूं। एक दिन रूटीन से अधिक साइक्लिंग के साथ जॉगिंग भी कर ली। घर पर आने के बाद मुझे बुखार हो गया। जब टेस्ट करवाया तो रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित पाया गया। सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद से दिमाग में नकारात्मक सोच रहने लगी थी। सोचता रहता था कि अगली सुबह देख सकूंगा कि नहीं। ऐसे में योग सिखाने वाले अपने जानकार से संपर्क किया। उन्होंने मुझे फेफड़ों के जरिए ऑक्सीजन की मात्रा अधिक लेकर जाने वाली एक्सरसाइज बताई, जिसमें प्राणायाम करने से पहले की तैयारी के आसान अर्द्धताड़ आसन और पवनमुख सीरीज पार्ट-1 कराए गए। इन दोनों आसन के जरिए मुझे सीधे फेफड़ों के फैलाव में सहायता मिली। इससे शरीर की ऊर्जा और ऑक्सीजन का लेवल भी बढ़ा। योग के इन आसनों के जरिए कोरोना की जंग को जीत पाया। -रवि कटोच, सुपरिंटेंडेंट, यूटी सचिवालय
योग को किया रोजाना की जिंदगी मे शामिल
मैंने योग को जिंदगी को शामिल कर लिया है।कुछ दिनों से किसी भी चीज की स्मैल नहीं आ रही थी। मैंने परिवार से बात की तो उन्होंने सलाह दी कि कोरोना टेस्ट करवा लो। परिवार के कहने पर मैंने कोविड टेस्ट करवाया। मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इससे मुझे काफी घबराहट होने लगी। घर पर क्वारंटीन रही। मन में यही विचार आता रहता था कि संक्रमण से कैसे छुटकाया पाया जाए। ऐसे मे योग टीचर रोशन लाल से संपर्क किया। उन्होंने मुझे जलनेती करने को कहा। जलनेती के जरिए गर्म पानी एक नाक से लेते हुए दूसरे नाक से बाहर निकालना होता है। ऐसा करने से नाक में किसी भी तरह के कीटाणु या वायरस गर्म पानी के आगे टिक नहीं पाता और गर्म पानी के जरिए वह निकलना शुरू हो जाता है। इस आसन को करते हुए मेरे सूंघने की शक्ति वापस आई। ठीक होने के बावजूद मैंने योगा को अपनी जिदंगी में शामिल कर लिया हैं। -ज्योतिका, प्राइवेट कंपनी कर्मचारी
तीसरी लहर से लड़ना है तो आज से ही शुरू करें योग
कोरोना काल में योग की अहमियत को कई विशेषज्ञों ने मानी है। कोरोना से ग्रसित लोगों को दवाइयों के साथ योग करने की सलाह दी जाती रही है। इससे लोगों की रिकवरी तेजी से हुई और गंभीर होने से बचे। योग गुरु कहते हैं कि शरीर को स्वस्थ्य रखने के साथ-साथ बीमारियों से लड़ने में योग के आसन रामबाण उपाय हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ ही श्वसन तंत्र भी मजबूत करता है।
योगाचार्य एमएन शुक्ला के मुताबिक प्रतिदिन नियमित तौर पर योगासन करने से शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं में वृद्धि होती है। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कोरोना वायरस या अन्य वायरस से बचाव करती है। कोरोना की तीसरी लहर की बात हो रही है। इससे जूझने के लिए सारे जरूरी कदम उठाने के साथ योग का भी अभ्यास शुरू कर देना चाहिए।
योग के दौरान कई सावधानी भी बरतने की जरूरत है। जिसकी जितनी क्षमता हो, उसे उतना ही करना चाहिए। योग का प्रशिक्षण किसी योग गुरु व विशेषज्ञ के सानिध्य में ही करना चाहिए। एक बात और ध्यान रखने वाली है कि जब किसी का बड़ा आपरेशन हुआ तो उस स्थिति में चिकित्सक से परामर्श के बाद ही आसन करें। कोरोना से प्रभावित होने पर आसन चिकित्सक के परामर्श के बाद करें।
कोरोना में ये आसन मददगार साबित हो सकते हैं
योग गुरु के मुताबिक कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है, जो दूसरी बीमारियों से ग्रसित हैं। इन आसन को रोजाना करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे आक्सीजन का स्तर भी बढ़ता है। योग विशेषज्ञ के मुताबिक सुखासन, सर्वांगासन, भुजंगासन, सिंहासन, ताड़ासन, श्वासन, पवन मुक्तासन आदि के साथ ही पांच प्राणायाम और पांच आसनों के जरिये रक्तचाप, तनाव, मुधमेह, हृदयरोग आदि से बचा जा सकता है। कोरोना वायरस के संक्रमण से ज्यादातर उन्हीं लोगों के लिए खतरा है, जो उपरोक्त बीमारियों से ग्रस्त है।
कोरोना में योग शतप्रतिशत लाभदायक है। जो पहले करते रहे, उनके लिए तो ठीक है। जो अब शुरू कर रहे हैं, उनके लिए भी लाभकारी हो सकता है। इससे फेफड़े मजबूत होते हैं और शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है। -योग गुरु नरेश शर्मा, प्रधान योग इंडिया फाउंडेशन भारत
कोरोना होने पर व्यक्ति की मानसिक रूप से अस्वस्थ भी हो जाता है। दवा से व्यक्ति ठीक तो हो जाएगा, लेकिन उसका तनाव खत्म नहीं होगा। योग शरीर, मन और भावना को संतुलित बनाता है। कोरोना में इसका फायदा भी देखने को मिला है। -आरआर पासी, प्रभारी पतंजलि योग समिति चंडीगढ़
योग से पूरे शरीर में आक्सीजनयुक्त रक्त का संचार होता है। इससे हमारे फेफड़े मजबूत होते हैं। फेफड़े मजबूत होंगे तो शरीर सुरक्षित रहेगा। कोरोना में देखा गया है कि सबसे ज्यादा नुकसान फेफड़ों को हुआ है। -एमएन शुक्ला, भारतीय योग संस्थान के सचिव, चंडीगढ़