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चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अब अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाने की कवायद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:28 AM IST
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first international flight from Chandigarh
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नई उड़ानें शुरू कराने की कवायद शुरू हो गई है। मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को उसके ढुलमुल रवैये के लिए फटकार लगाई, वहीं एयरपोर्ट पर यंत्रों की स्थापना की निश्चित अवधि बताने के आदेश भी दिए।
सुनवाई के दौरान विभिन्न विमान कंपनियों की ओर से बताया गया कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू करना कामर्शियल नजरिए से लाभदायक नहीं है। इस पर केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि अगली सुनवाई पर वे हाईकोर्ट को दिल्ली से विदेश के लिए उड़ान भरने वाले हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ के यात्रियों की संख्या का विवरण उपलब्ध करवा देंगे। इसके आधार पर मामले के एमिकस क्यूरी विमान कंपनियों से बात करके उन्हें चंडीगढ़ से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट से नई अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के लिए विमान कंपनियों को आगे आने की बात कही और सभी कंपनियों के वकीलों को लंच के बाद हाईकोर्ट में हाजिर रहने को कहा। लंच के बाद, आगे सुनवाई शुरू होते ही विमान कंपनियों ने हाईकोर्ट को अपनी मजबूरियां गिना दीं। कुछ कंपनियों ने कहा कि एविएशन पॉलिसी की शर्तें पूरी न कर पाने के कारण वे चंडीगढ़ से अंतराष्ट्रीय उड़ान शुरू नहीं कर सकतीं, जबकि कुछ कंपनियों ने इस एयरपोर्ट को कॉमर्शियल तौर पर फायदेमंद नहीं ठहराया।
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सुनवाई के दौरान विभिन्न विमान कंपनियों की ओर से बताया गया कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय उड़ान शुरू करना कामर्शियल नजरिए से लाभदायक नहीं है। इस पर केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि अगली सुनवाई पर वे हाईकोर्ट को दिल्ली से विदेश के लिए उड़ान भरने वाले हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ के यात्रियों की संख्या का विवरण उपलब्ध करवा देंगे। इसके आधार पर मामले के एमिकस क्यूरी विमान कंपनियों से बात करके उन्हें चंडीगढ़ से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।
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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट से नई अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के लिए विमान कंपनियों को आगे आने की बात कही और सभी कंपनियों के वकीलों को लंच के बाद हाईकोर्ट में हाजिर रहने को कहा। लंच के बाद, आगे सुनवाई शुरू होते ही विमान कंपनियों ने हाईकोर्ट को अपनी मजबूरियां गिना दीं। कुछ कंपनियों ने कहा कि एविएशन पॉलिसी की शर्तें पूरी न कर पाने के कारण वे चंडीगढ़ से अंतराष्ट्रीय उड़ान शुरू नहीं कर सकतीं, जबकि कुछ कंपनियों ने इस एयरपोर्ट को कॉमर्शियल तौर पर फायदेमंद नहीं ठहराया।
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केंद्र को हाईकोर्ट ने ढुलमुल रवैये पर लगाई फटकार
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
इससे पहले, सुनवाई शुरू होते ही केंद्र सरकार की ओर से हलफनामा दाखिल कर विभिन्न मुद्दों पर आ रही कठिनाईयों की जानकारी हाईकोर्ट को दी गई। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि टेंडरों की समय अवधि जो पहले बताई गई थी, उसे फिर से आगे बढ़ा दिया गया है।
जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वह इस मामले को हल्के में लेने की गलती कर रही है। तब केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि जल्द ही चंडीगढ़ एयरपोर्ट से जुड़े कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
कैट 3 लगाने की निश्चित अवधि बताएं
खंडपीठ ने केंद्र सरकार को मामले की अगली सुनवाई तक एयरपोर्ट में कैट 3, रनवे की रि-सर्फेसिंग व अन्य कार्यों को पूरा करने की निश्चित समय अवधि बताने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह भी कहा कि अगली सुनवाई पर चंडीगढ़ एयरपोर्ट के नए रनवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरा करने व उसके लिए आवश्यक मंजूरी हासिल कर कोर्ट को जानकारी दी जाए।
इसी दौरान, याची के वकील ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट की पुरानी बिल्डिंग को लेकर भी सवाल उठाया, जिस पर केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि पुरानी एयरपोर्ट बिल्डिंग का इस्तेमाल करने के लिए एक एमओयू साइन किया गया है। जिसके तहत पुरानी बिल्डिंग में एविएशन संबंधी स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोला जाएगा। केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का इस्तेमाल चार्टेड प्लेनों की पार्किंग के लिए भी होता रहेगा।
सिक्योरिटी का खर्च आपस में बांटने पर होगा विचार
हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट की सिक्योरिटी पर खर्च होने वाली 33 करोड़ की रकम के मामले में सुनवाई के दौरान पंजाब, हरियाणा, हवाई अड्डा प्राधिकरण और चंडीगढ़ के बीच बैठक करके इस खर्च को आपस में बांटने पर विचार करने के निर्देश दिए। साथ ही इस बैठक के मिनट्स अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश भी दिए।
जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वह इस मामले को हल्के में लेने की गलती कर रही है। तब केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि जल्द ही चंडीगढ़ एयरपोर्ट से जुड़े कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
कैट 3 लगाने की निश्चित अवधि बताएं
खंडपीठ ने केंद्र सरकार को मामले की अगली सुनवाई तक एयरपोर्ट में कैट 3, रनवे की रि-सर्फेसिंग व अन्य कार्यों को पूरा करने की निश्चित समय अवधि बताने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह भी कहा कि अगली सुनवाई पर चंडीगढ़ एयरपोर्ट के नए रनवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरा करने व उसके लिए आवश्यक मंजूरी हासिल कर कोर्ट को जानकारी दी जाए।
इसी दौरान, याची के वकील ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट की पुरानी बिल्डिंग को लेकर भी सवाल उठाया, जिस पर केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि पुरानी एयरपोर्ट बिल्डिंग का इस्तेमाल करने के लिए एक एमओयू साइन किया गया है। जिसके तहत पुरानी बिल्डिंग में एविएशन संबंधी स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोला जाएगा। केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का इस्तेमाल चार्टेड प्लेनों की पार्किंग के लिए भी होता रहेगा।
सिक्योरिटी का खर्च आपस में बांटने पर होगा विचार
हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट की सिक्योरिटी पर खर्च होने वाली 33 करोड़ की रकम के मामले में सुनवाई के दौरान पंजाब, हरियाणा, हवाई अड्डा प्राधिकरण और चंडीगढ़ के बीच बैठक करके इस खर्च को आपस में बांटने पर विचार करने के निर्देश दिए। साथ ही इस बैठक के मिनट्स अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश भी दिए।