हलवारा एयरफोर्स स्टेशन में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय सिविल एयर टर्मिनल, पढ़े कैबिनेट के 6 बड़े फैसले
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पंजाब में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को लुधियाना के इंडियन एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में नया अंतरराष्ट्रीय सिविल हवाई टर्मिनल स्थापित करने की स्वीकृति दे दी। इस फैसले से राज्य की काफी लंबे समय की मांग पूरी हो गई, जिसे कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल के दौरान केंद्र सरकार के समक्ष उठाया था। मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के साथ समझौता साइन (एमओयू) करने की मंजूरी भी दे दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस सिविल टर्मिनल का निर्माण साझे तौर पर एएआई और पंजाब सरकार द्वारा इसके लिए गठित की गई ज्वाइंट वेंचर कंपनी (जेवीसी) द्वारा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में 51 फीसदी हिस्सेदारी एएआई और 49 फीसदी पंजाब सरकार की ग्रेटर लुधियाना डेवलपमेंट अथॉरिटी (गलाडा) की होगी।
प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से 135.54 एकड़ जमीन बिना किसी कीमत के जेवीसी को हिस्सेदारी के तौर पर दी जाएगी। इस एयरपोर्ट के निर्माण का सारा खर्च एएआई द्वारा किया जाएगा जबकि इस हवाई अड्डे के संचालन और इसके रखरखाव का सारा खर्च कंपनी करेगी। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण का काम तीन साल के समय में पूरा किया जाएगा। इसमें 135.54 एकड़ क्षेत्रफल में कोड-4 और इस तरह के विमानों के ऑपरेशन के लिए पूर्ण रूप में नये अंतरराष्ट्रीय सिविल एयर टर्मिनल का निर्माण करना शामिल है।
उल्लेखनीय है कि मौजूदा एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई सीमित होने के कारण यहां सिर्फ छोटे विमान ही उड़ान भर सकते हैं। इस कारण हवाई संपर्क बहुत सीमित है। इसके अलावा मौजूदा एयरपोर्ट के आसपास शहर का काफी विकास हो जाने के कारण साहनेवाल में मौजूदा हवाई अड्डे का विस्तार करने के लिए और भूमि अधिग्रहण करना संभव नहीं है।
पंजाब जलस्रोत बिल-2018 के प्रारूप को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने पंजाब जल स्रोत (मैनेजमेंट व रेगूलेशन) बिल-2018 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य राज्य के जलस्रोतों के प्रयोग और प्रबंधन को समझदारी, उचित और तर्कसंगत तरीकों से यकीनी बनाना है। इसमें प्रस्तावित की गई पंजाब वॉटर रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीडब्लयूआरडीए) का एक चेयरमैन और दो सदस्य सरकार द्वारा नियुक्त किए जाएंगे।
इस अथॉरिटी के पास जलस्रोतों के बचाव और प्रबंधन के लिए दिशा निर्देश जारी करने के लिए भी अधिकार होगा। इस अथॉरिटी के पास पेयजल, घरेलू, व्यापारिक या औद्योगिक प्रयोग के लिए पानी की सप्लाई की दरों संबंधी निर्देश जारी करने का भी अधिकार होगा। बिल के अनुसार राज्य सरकार द्वारा राज्य सलाहकारी समिति गठित की जाएगी। इसका नेतृत्व चेयरमैन द्वारा किया जाएगा। इसमें माहिर और विभिन्न विभागों से एक्स ऑफिशयो सदस्य लिए जाएंगे जो अथॉरिटी को सलाह देंगे। यह अथॉरिटी जरूरत के अनुसार अपने स्तर पर और माहिर भी शामिल कर सकती है।
ईएसआई अस्पतालों में 185 खाली पद तुरंत भरने का फैसला
मंत्रिमंडल ने ईएसआई अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के खाली पड़े 185 पदों को भरने की मंजूरी देने के साथ ही अलग-अलग विभागों में कैडरों और मुलाजिमों से संबंधित कई फैसलों पर मुहर लगा दी है। प्रवक्ता ने बताया कि खाली पद भरने से राज्य में इंप्लाइज स्टेट इंश्योरेंस (ईएसआई) स्कीम के अंतर्गत आते लगभग 12.92 लाख व्यक्तियों के लिए बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं को यकीनी बनाने में सहायता मिलेगी।
प्रवक्ता ने बताया कि 55 डॉक्टरों और 130 पैरा मेडिकल स्टाफ के खाली पद तब तक के लिए ठेका आधार पर भरे जाएंगे, जब तक रेगुलर भर्ती नहीं की जाती। इस फैसले से स्वास्थ्य विभाग ईएसआई और डिस्पेंसरियों में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के पदों पर 100 प्रतिशत भर्ती कर लेगा। इन 185 पदों को भरने के लिए सालाना कुल 3.96 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ बनता है जिसमें से राज्य द्वारा 0.50 करोड़ रुपये जबकि बाकी 3.46 करोड़ रुपये भारत सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
पंजाब पुलिस में डाइंग कैडर के चार पद सृजित करने को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने पंजाब पुलिस के खेल मुलाजिमों, जिनमें एक इंस्पेक्टर और तीन सबइंस्पेक्टर शामिल हैं, के लिए डाइंग कैडर के चार पदों की रचना करने की मंजूरी दे दी है। साथ ही मंत्रिमंडल ने राज्य के रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग द्वारा दूसरी राष्ट्रीय इमरजेंसी (3 दिसंबर, 1971 से 25 मार्च, 1977 तक) के दौरान पूर्व सैनिकों द्वारा निभाई गई सेवा का लाभ देने के लिए पंजाब रिक्रूटमेंट ऑफ एक्स सर्विसमैन रूल्स -1982 के मौजूदा पैरा बी में अपेक्षित संशोधन करने का फैसला लिया है।
20 जिला सहकारी बैंकों के पीएससीबी में विलय को हरी झंडी
मंत्रिमंडल ने राज्य की ग्रामीण ऋण प्रणाली को मजबूत बनाने और सहकारी बैंकों से ऋण प्राप्ति की किसानों को सुविधा प्रदान करने के लिए जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के पंजाब राज्य सहकारी बैंक (पीएससीबी) में विलय को हरी झंडी दे दी है। मंत्रिमंडल ने डीसीसीबी के पीएससीबी में विलय के द्वारा राज्य के तीन सूत्री सहकारी ऋण ढांचे को दो सूत्री ढांचे में तबदील करने के लिए भी मंजूरी दे दी है, जिससे पीएससीबी अब एक बड़ा बैंक बन जाएगा।
डिफाल्टरों को अंतिम मौका, ओटीएस पालिसी-2018 को मंजूरी
कैबिनेट ने सोमवार को ऋण कंपनियों और उद्यमियों को पीडीएसआईसी और पीएफसी के साथ अपनी देनदारियों को सुलझाने का आखिरी मौका देने के लिए वन टाइम निपटान (ओटीएस) नीति को मंजूरी दे दी। हालांकि यह भी साफ कर दिया गया है कि इसके बाद कोई भी ओटीएस अवसर को डिफॉल्टरों को नहीं दिया जाएगा। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, ओटीएस नीति-2018 पर फैसला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और राज्य में उद्योगों के पुनर्वास और पुनरुद्धार के लिए प्रमोटरों के साथ मैराथन चर्चा के बाद किया गया।