पंजाब पंचायत चुनाव के अजब गजब किस्से: कहीं टाॅस करके चुना गया विजेता तो कहीं हार देख बैलेट पेपर चबा गए
पंजाब में 9398 पंचायतों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई है। सूबे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। इस बार कई अजीबोगरीब मामले भी सामने आए हैं।
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पंजाब में 15 अक्तूबर को पंचायत चुनाव संपन्न हुए थे। उसी शाम को नतीजे भी आ गए थे, लेकिन बुधवार को भी नतीजे आते रहे। इस बार पंचायत चुनाव में कुछ अजब-गजब मामले सामने आए हैं।
पठानकोट में टाॅस कर चुना गया विजेता
पठानकोट जिले में 79.20 प्रतिशत मतदान हुआ है। कंडी क्षेत्र धारकलां ब्लॉक के अधीन आते गांव बाढ़ सुढाल में बराबर का मतदान रहा। उम्मीदवार आशा देवी और मीना देवी को मिली वोट मतगणना में बराबर निकलीं। इसके बाद दोनों उम्मीदवार से किसी एक को विजयी घोषित करने के लिए टॉस करवाई गई। टॉस मीना देवी ने जीती और उसको गांव का सरपंच एलान किया गया।
पाकिस्तान गए बलजिंदर सिंह बन गए सरपंच
पंजाब शिक्षा बोर्ड के सेवानिवृत्त अधिकारी सुपरिंटेंडेंट बलजिंदर सिंह पाकिस्तान के गुरुधामों में दर्शन करने गए थे। वे पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहिब के गांव खानपुर में सरपंच का चुनाव जीत गए। वह अपने परिवार के साथ 4 अक्तूबर से पाकिस्तान के गुरुधामों की यात्रा पर निकले थे।
उन्होंने गांव खानपुर जिला फतेहगढ़ साहिब के सरपंच पद के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार सतनाम सिंह को 139 वोटों के अंतर से हराकर चुनाव जीत लिया। वे शिक्षा बोर्ड में गुरमति विचार सभा के अध्यक्ष और सेक्टर 66 मोहाली में गुरुद्वारा साहिब के अध्यक्ष भी रहे हैं। गांव खानपुर के ग्रामीणों के बहुमत से निर्णय लिया था कि बलजिंदर सिंह को सरपंच का चुनाव लड़ना चाहिए लेकिन उनकी पत्नी और बड़े भाई जोशा सिंह का पहले से ही पाकिस्तान में गुरुधामों का दौरा करने का कार्यक्रम था।
ग्रामीणों ने उनसे अपना कार्यक्रम रद्द करने और गांव की सरपंच का चुनाव लड़ने का अनुरोध किया, लेकिन बलजिंदर सिंह ने इनकार कर दिया। गांव वालों ने फैसला किया कि बलजिंदर सिंह को सरपंच के चुनाव के लिए नामांकन भरना चाहिए और अपने नियमित कार्यक्रम के मुताबिक पाकिस्तान जाना चाहिए। उनके चुनाव प्रचार की मुहिम गांव के युवा और बुजुर्ग संभाल लेंगे। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बलजिंदर सिंह प्रचार से दूर ही रहे। सरपंच बलजिंदर सिंह ने प्रेस को बयान जारी करते हुए गांववासियों और भगवान का धन्यवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि वे बिना किसी पक्षपात या पार्टी संबद्धता के गांव के कल्याण और विकास के लिए प्रयास करेंगे।
एक वोट से हार रही थी प्रत्याशी, पोलिंग एजेंट ने प्रतिद्वंदी के तीन बैलेट पेपर चबाए
सुनाम में मुख्यमंत्री भगवंत मान के पैतृक गांव सतौज से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव तोलावाल में एक वोट से हार होते देख प्रत्याशी का पोलिंग एजेंट जीत रहे प्रत्याशी के तीन वोट (बैलेट पेपर) चबाकर निगल गया। उसकी हरकत देख प्रीजाइडिंग आफिसर समेत अन्य स्टाफ के पैरों तले से जमीन खिसक गई। तुरंत पुलिस को शिकायत कर मामला दर्ज कराया गया और चुनाव नतीजा जीत रहे प्रत्याशी के हक में घोषित किया गया। आरोपी की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हुई है।हार के बाद उम्मीदवार बोली-बताएं जीतने वाले को किसने डाली वोट
जगरांव के गांव मल्ला में चुनाव हारने वाली उम्मीदवार बूथ पर मौजूद प्रिजाइडिंग अफसर के साथ भिड़ गई। उसने मांग की कि उसे बताया जाए कि जीतने वाले उम्मीदवार को वोट किस किस ने डाली हैं। इसे लेकर अधिकारियों संग बहसबाजी करते हुए काम में रुकावट डाल दी। इतना ही नहीं हार से गुस्साई महिला उम्मीदवार ने अपने साथियों संग मिलकर अधिकारियों पर हमला कर दिया, जिससे एक पुलिस कर्मी भी धक्का लगने से घायल हो गया।इस मामले को लेकर प्रिजाइडिंग अफसर गुरबख्श सिंह की शिकायत पर पुलिस ने चरनजीत सिंह संदीप सिंह व अमर कौर समेत कई अज्ञात लोगों पर थाना हठूर में मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता गुरबख्श सिंह (पीआरओ बूथ नंबर 103- गांव मल्लाह) ने पुलिस को बताया कि पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद, गुरमेल सिंह (सरपंच उम्मीदवार) को विजेता घोषित किया गया। हारने वाली उम्मीदवार अमर कौर ने उनसे पूछा कि उनके प्रतिद्वंद्वी को वोट देने वाले मतदाताओं के नाम बताएं।
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