{"_id":"6165efb48ebc3e9fbb684c71","slug":"inflation-did-not-spare-even-ravana-he-became-short-in-stature-chandigarh-news-pkl429847644","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ: महंगाई ने ‘रावण’ को भी नहीं छोड़ा, कद हो गया छोटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ: महंगाई ने ‘रावण’ को भी नहीं छोड़ा, कद हो गया छोटा
Wed, 13 Oct 2021 10:44 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Oct 2021 10:44 AM IST
सार
संजय जखमोला ने बताया कि टेंट, लाइट साउंड सभी सामान पिछले वर्ष के मुकाबले महंगे हो गए हैं। लोगों की जेब पर भी इसका असर पड़ा है। इस बार रामलीला देखने के लिए आने वाले लोग भी दान कम दे रहे हैं।
विज्ञापन
रावण के पुतले।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महंगाई की मार हर क्षेत्र में पड़ रही है। महंगाई ने रावण का कद भी घटा दिया है। सेक्टर- 40 की उत्तरांचल रामलीला मंडली एवं दशहरा कमेटी ने इस बार रावण का कद 70 फीट से करीब 30 फीट कर दिया है। वहीं, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले पहले से भी छोटे कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
उत्तरांचल रामलीला मंडली एवं दशहरा कमेटी के प्रधान संजय जखमोला ने बताया कि पहले रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनवाने पर करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आता था। इस बार रावण के पुतले का कद तो छोटा कर दिया गया है लेकिन इस पर खर्च पहले ही जैसा है, क्योंकि पटाखे उतने ही महंगे हो गए हैं।
विज्ञापन
संजय जखमोला ने बताया कि टेंट, लाइट साउंड सभी सामान पिछले वर्ष के मुकाबले महंगे हो गए हैं। लोगों की जेब पर भी इसका असर पड़ा है। इस बार रामलीला देखने के लिए आने वाले लोग भी दान कम दे रहे हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि प्रशासन को रामलीला कमेटियों की आर्थिक स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। महंगाई के कारण रामलीला का मंचन करना मुश्किल होता जा रहा है।
महंगाई के कारण खुद ही बना रहे हैं रावण का पुतला
सेक्टर- 29 के ओसीएफ सांस्कृतिक मंच की ओर से स्वयं ही रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। मंच के सदस्य और रामलीला में रावण का अभिनय करने वाले कलाकार ज्योति स्वरूप भारद्वाज का कहना है कि करीब 50 फीट का रावण तैयार किया जा रहा है।
पहले 80 फीट का रावण का पुतला होता था। बांस पहले से पड़े थे। स्थानीय लोगों से रद्दी और पुरानी साड़ियां मांगी। पहले तीन पुतले बनाते थे लेकिन महंगाई के कारण सिर्फ रावण का पुतला बनाया जा रहा है। यह पुतला छात्रों की एक टीम तैयार कर रही है।
टीम की अगुवाई नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले समीप सिंह रनौत कर रहे हैं। उनके साथ उनके भाई संचित रनौत, हरमन सिंह, बॉबी सिंह, जसप्रीत सिंह और सौरभ कुमार भी लगे हैं। समीप ने बताया कि इससे 15 से 20 हजार रुपये का खर्च बचा है।