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Chandigarh News: फ्री होल्ड के लिए उद्योगपतियों का इंतजार बढ़ा, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा समय

Tue, 05 Sep 2023 01:24 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Sep 2023 01:24 AM IST
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Industrialists' wait for free hold increased, central government sought time from Supreme Court
चंडीगढ़। शहर की व्यावसायिक और इंडस्ट्रियल लीज होल्ड संपत्तियों के फ्री होल्ड होने की आस में बैठे उद्योगपतियों का इंतजार बढ़ गया है। सोमवार को इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी ने अदालत में हलफनामा देकर समय की मांग की है। हलफनामा में कहा गया है कि सभी प्रासंगिक तथ्यों पर उचित विचार करने के बाद ही फैसला लिया जाएगा, क्योंकि यह एक बड़ा नीतिगत फैसला है।हलफनामा में कहा गया है कि केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ प्रशासन से प्राप्त प्रस्ताव की विस्तार और गहनता से जांच की जा रही है। प्रस्ताव में कुछ तथ्यों की कमी है और इसमें यूटी और अन्य हितधारकों के मंत्रालयों से अतिरिक्त इनपुट की आवश्यकता है। चूंकि औद्योगिक/वाणिज्यिक भूखंडों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड में बदलने का मामला एक प्रमुख नीतिगत निर्णय है, इसलिए सभी प्रासंगिक तथ्यों पर विचार करने के बाद उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा चंडीगढ़ में भवन निर्माण उल्लंघन और परिसर के दुरुपयोग के मामलों में लगाए जाने वाले जुर्माने में संशोधन के लिए कैपिटल ऑफ पंजाब (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1952 में संशोधन के संबंध में अंतर-मंत्रालयी परामर्श चल रहा है और कानून की उचित प्रक्रिया के बाद उचित विधायी परिवर्तन की आवश्यकता होगी।
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प्रशासन बता चुका है फ्री होल्ड करने का नुकसान
पिछले साल अगस्त में हुई सुनवाई में प्रशासन ने पिछली सुनवाई के दिशा-निर्देशानुसार एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें प्रशासन ने फ्री होल्ड होने पर पांच नुकसान गिनाए थे। कहा था कि चंडीगढ़ लैंडलॉक सिटी है। फ्री होल्ड करने पर प्रशासन की संपत्ति कम हो जाएगी, सालाना आने वाली लीज मनी बंद हो जाएगी, अनअर्नड प्रॉफिट मिलना बंद हो जाएगा, फ्री होल्ड होते ही कई संपत्तियां बिक जाएंगी और फ्री होल्ड होने के बाद कोर्ट केस बढ़ेंगे। हालांकि, शीर्ष अदालत ने सभी को ठीक नहीं माना था। प्रशासन ने फ्री होल्ड के दो फायदे भी गिनाए थे। कहा गया था कि फ्री होल्ड होने से टाइटल क्लियर होंगे तो उद्योगपति लोन उठा सकेंगे और जरूरत के अनुसार नए बिजनेस शुरू होंगे। इंडस्ट्री आगे बढ़ेगी।
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