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कमिश्नर के कमरे के बाहर धरने पर व्यापारी, फूट-फूट कर सुनाई कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 29 Oct 2016 03:49 PM IST
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कमिश्नर के कमरे के बाहर धरने पर व्यापारी
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दीवाली का त्यौहार मनाने की बजाय एक व्यापारी को अपने हक की लड़ाई लड़नी पड़ रही है। इसके लिए वह कमिश्नर के कमरे के बाहर धरने पर बैठा। उसने रो-रो कर नगर निगम के अधिकारियों की कारगुजारी पर सवाल उठाए। मंजूरी लेने के बावजूद अपनी दुकान के बाहर सामान लगाने के लिए जगह न मिलने पर सेक्टर-17 के एक व्यापारी को मजबूर होकर कमिश्नर बी पुरूषार्था के कमरे के बाहर धरने पर बैठना पड़ा।
यहां पर व्यापारी त्रिभूवन चोपड़ा ने रोते हुए नगर निगम के अधिकारियों की कारगुजारी पर भी सवाल उठाया। ऐसा इस व्यापारी के साथ ही नहीं बल्कि पूरे शहर के दुकानदारों के साथ हो रहा है क्योंकि नगर निगम दुकान लगाने की शुल्क लेकर पहले आओ पहले पाओ की नीति पर पर्ची तो काट रहा है, लेकिन दुकान लगाने के लिए जगह उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
व्यापारी त्रिभूवन चोपड़ा जब धरने पर बैठे उस समय कमेटी रूम में मेयर, कमिश्नर और पार्षद लंच कर रहे थे। प्रदर्शनकारी व्यापारी को जमीन से उठाने के लिए पहले कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला फिर मेयर अरुण सूद आए जिन्होंने व्यापारी को कमिश्नर से मिलाया उसके बाद कमिश्नर ने अधिकारियों को दुकान के आगे व्यापारी को जगह दिलवाने के निर्देश जारी किए।
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चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-17 में अपनी दुकान के आगे दुकान लगाने की मंजूरी नगर निगम से ली थी, लेकिन उनकी दुकान के बाहर किसी और ने दुकान लगा लिया जब उन्होंने अतिक्रमण हटाओ दस्ते के कर्मचारियों को इसके लिए कहा तो उन्होंने कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है।
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यहां पर व्यापारी त्रिभूवन चोपड़ा ने रोते हुए नगर निगम के अधिकारियों की कारगुजारी पर भी सवाल उठाया। ऐसा इस व्यापारी के साथ ही नहीं बल्कि पूरे शहर के दुकानदारों के साथ हो रहा है क्योंकि नगर निगम दुकान लगाने की शुल्क लेकर पहले आओ पहले पाओ की नीति पर पर्ची तो काट रहा है, लेकिन दुकान लगाने के लिए जगह उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
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व्यापारी त्रिभूवन चोपड़ा जब धरने पर बैठे उस समय कमेटी रूम में मेयर, कमिश्नर और पार्षद लंच कर रहे थे। प्रदर्शनकारी व्यापारी को जमीन से उठाने के लिए पहले कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला फिर मेयर अरुण सूद आए जिन्होंने व्यापारी को कमिश्नर से मिलाया उसके बाद कमिश्नर ने अधिकारियों को दुकान के आगे व्यापारी को जगह दिलवाने के निर्देश जारी किए।
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चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-17 में अपनी दुकान के आगे दुकान लगाने की मंजूरी नगर निगम से ली थी, लेकिन उनकी दुकान के बाहर किसी और ने दुकान लगा लिया जब उन्होंने अतिक्रमण हटाओ दस्ते के कर्मचारियों को इसके लिए कहा तो उन्होंने कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है।