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बार्डर आंखों-देखी: सरकार ने तो बोल दिया गांव छोड़ दो, जाएं कहां?
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Fri, 30 Sep 2016 11:38 AM IST
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सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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हजारों लोगों को घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है लेकिन उन्हें ठहराने के लिए कोई भी सरकारी इंतजाम नहीं हैं। आधी रात को सेना की ओर से सीमा के उस पार आतंकी ठिकानों को तबाह किए जाने के बाद वीरवार सुबह ही अमृतसर के अटारी और अजनाला इलाके से सटे गांवों को खाली करने के आदेश दे दिए गए।
अजनाला से सटे गांवों के सरपंचों ने जिला प्रशासन के आदेशों पर गांव खाली करने की घोषणा की लेकिन शाम तक सिवाय इक्का दुक्का परिवारों के लोग वहां से जाने को तैयार नहीं थे। इनमें अजनाला के अंतर्गत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग शामिल हैं।
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अजनाला से सटे गांवों के सरपंचों ने जिला प्रशासन के आदेशों पर गांव खाली करने की घोषणा की लेकिन शाम तक सिवाय इक्का दुक्का परिवारों के लोग वहां से जाने को तैयार नहीं थे। इनमें अजनाला के अंतर्गत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग शामिल हैं।
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सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
अजनाला सेक्टर के विभिन्न गांवों ढल्ला, चक्क बाला, साहूवाल, खानवाल, जगदेव खुर्द के लोग जिनमें हरप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, बलकार सिंह, हरभजन सिंह, मुख्तयार सिंह, सलविंदर सिंह, रमनदीप सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
हजारों लोगों को घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है लेकिन इसके लिए कोई भी सरकारी इंतजाम नहीं हैं। वह लोग घर छोड़े भी तो जाएं कहां। गांव छोड़ने के बाद सरकार की ओर से ठहरने के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किया है।
दूसरी ओर अटारी के अंतर्गत आने वाले गांव मुहावा, दाऊके, नौशहरा ढल्ला को जिला प्रशासन की ओर से खाली करवा लिया गया। इन गांवों में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है।
हजारों लोगों को घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है लेकिन इसके लिए कोई भी सरकारी इंतजाम नहीं हैं। वह लोग घर छोड़े भी तो जाएं कहां। गांव छोड़ने के बाद सरकार की ओर से ठहरने के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किया है।
दूसरी ओर अटारी के अंतर्गत आने वाले गांव मुहावा, दाऊके, नौशहरा ढल्ला को जिला प्रशासन की ओर से खाली करवा लिया गया। इन गांवों में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है।
एसजीपीसी गांववासियों की सुरक्षा और खाने का करेगी प्रबंध
सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने सीमा पर पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर सीमावर्ती गांवों से पलायन करके आने वाले गांवों के लोगों के लिए लंगर, रहने एवं सुरक्षा के प्रबंधों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी गुरुद्वारों के मैनेजरों को आदेश दिए गए हैं।
सैनिक भर्ती रैली रद्द
सीमा पर हालातों को देखते हुए एक अक्तूबर को होने वाली सेना भर्ती रैली जोकि खासा में होनी थी को स्थगित कर दिया गया है। सैनिक भलाई विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल गुरिंद्रजीत सिंह गिल ने बताया कि भर्ती की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।
रिट्रीट सेरेमनी से वापस लौटे पर्यटक
उधर, वीरवार को वाघा सीमा पर लोगों को जाने से रोक दिया गया। बॉर्डर पर केवल झंडा चढ़ाने और झंडा उतारने की रस्म की गई। इसमें केवल बीएसएफ के अधिकारी ही शामिल हुए।
सैनिक भर्ती रैली रद्द
सीमा पर हालातों को देखते हुए एक अक्तूबर को होने वाली सेना भर्ती रैली जोकि खासा में होनी थी को स्थगित कर दिया गया है। सैनिक भलाई विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल गुरिंद्रजीत सिंह गिल ने बताया कि भर्ती की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।
रिट्रीट सेरेमनी से वापस लौटे पर्यटक
उधर, वीरवार को वाघा सीमा पर लोगों को जाने से रोक दिया गया। बॉर्डर पर केवल झंडा चढ़ाने और झंडा उतारने की रस्म की गई। इसमें केवल बीएसएफ के अधिकारी ही शामिल हुए।