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Court: चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर बुजुर्ग दंपती से स्टाफ ने की बदसलूकी, Indigo एयरलाइंस देगी एक लाख का हर्जाना
Thu, 07 Nov 2024 02:13 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Thu, 07 Nov 2024 02:13 PM IST
सार
चंडीगढ़ के बुजुर्ग दंपती के साथ इंडिगो एयरलाइंस के स्टाफ द्वारा बदसलूकी करना महंगा साबित हुआ है। एयरलाइंस को इसके लिए दंपती को एक लाख रुपये बतौर हर्जाना देना होगा। यह आदेश उपभोक्ता आयोग ने दिया है।
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कंज्यूमर कोर्ट।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हवाई यात्रा के दौरान चंडीगढ़ के बुजुर्ग दंपती के साथ एयरलाइंस स्टाफ ने बदसलूकी की। चलने में असमर्थ दंपती दंपती को एयरलाइंस स्टाफ ने एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर नहीं दी, जबकि उन्होंने अपनी टिकट बुकिंग में दो व्हीलचेयर शामिल करवाई थी। चंडीगढ़ के सेक्टर-46 निवासी 70 वर्षीय सुनील चंद और उनकी पत्नी 67 वर्षीय वीणा कुमारी चंडीगढ़ से बेंगलुरु के लिए सफर कर रहे थे।
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सुनील चंद और उनकी पत्नी ने 11 अक्टूबर 2023 को इंडिगो एयरलाइंस से सफर किया। उनकी टिकट बुकिंग में दो व्हीलचेयर भी शामिल थीं, लेकिन जब वे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें काफी देर तक व्हीलचेयर का इंतजार करना पड़ा। एयरलाइन स्टाफ ने भी उनके साथ बदसलूकी की। इसलिए उन्होंने एयरलाइन के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी। आयोग ने उनकी शिकायत पर एयरलाइन को सेवा में लापरवाही का दोषी माना और बुजुर्ग दंपती को 50-50 हजार रुपये हर्जाना दिए जाने का फैसला सुनाया।
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घुटने की सर्जरी के लिए गए थे बेंगलुरु
सुनील चंद ने शिकायत में बताया कि उन्हें बेंगलुरु में अपने दोनों घुटनों की सर्जरी करवानी थी। पत्नी की पहले ही घुटनों की सर्जरी हुई थी। उन्होंने टिकट में दो व्हीलचेयर की भी बुकिंग करवाई थी। फ्लाइट को चंडीगढ़ से शाम 4.45 बजे उड़ान भरनी थी। जब वे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें व्हीलचेयर ही नहीं दी गई। उन्होंने स्टाफ से पूछा तो जवाब मिला कि वे एयरलाइंस के काउंटर पर जाकर बात करें।
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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी ऐसा व्यवहार
सुनील चंद ने बताया कि करीब 40 फीट दूरी पर इंडिगो का काउंटर था। वे बड़ी मुश्किल से वहां तक पहुंचे। फिर उन्हें व्हीलचेयर से बिजनेस लाउंज तक छोड़ दिया गया क्योंकि अभी फ्लाइट रवाना होने में एक घंटा बचा था। उन्हें स्टाफ ने लाउंज में छोड़ तो दिया लेकिन बोर्डिंग के समय उन्हें कोई लेने नहीं पहुंचा। फ्लाइट रवाना होने से 10 मिनट पहले उन्हें व्हीलचेयर से विमान तक पहुंचाया गया। इस दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी उनके साथ ऐसा ही व्यवहार हुआ। वहां भी उन्हें व्हीलचेयर के लिए इंतजार करना पड़ा।
सुनील चंद ने बताया कि करीब 40 फीट दूरी पर इंडिगो का काउंटर था। वे बड़ी मुश्किल से वहां तक पहुंचे। फिर उन्हें व्हीलचेयर से बिजनेस लाउंज तक छोड़ दिया गया क्योंकि अभी फ्लाइट रवाना होने में एक घंटा बचा था। उन्हें स्टाफ ने लाउंज में छोड़ तो दिया लेकिन बोर्डिंग के समय उन्हें कोई लेने नहीं पहुंचा। फ्लाइट रवाना होने से 10 मिनट पहले उन्हें व्हीलचेयर से विमान तक पहुंचाया गया। इस दौरान उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी उनके साथ ऐसा ही व्यवहार हुआ। वहां भी उन्हें व्हीलचेयर के लिए इंतजार करना पड़ा।
एयरलाइन मैनेजर ने दिया दो हजार का वाउचर
सुनील चंद ने आयोग को बताया कि उन्होंने स्टाफ के इस व्यवहार के खिलाफ एयरलाइंस को शिकायत भी दी। तभी एयरलाइन के मैनेजर जफर नकवी ने उनसे माफी मांगते हुए उन्हें दो हजार रुपये का वाउचर देना चाहा। इसलिए उन्होंने एयरलाइन के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया।
सुनील चंद ने आयोग को बताया कि उन्होंने स्टाफ के इस व्यवहार के खिलाफ एयरलाइंस को शिकायत भी दी। तभी एयरलाइन के मैनेजर जफर नकवी ने उनसे माफी मांगते हुए उन्हें दो हजार रुपये का वाउचर देना चाहा। इसलिए उन्होंने एयरलाइन के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया।
बीमार यात्रियों का ख्याल रखना एयरलाइंस की जिम्मेदारी
आयोग ने उनकी शिकायत को ठहराते हुए कहा कि एयरलाइन की जिम्मेदारी बनती है कि बुजुर्ग और बीमार यात्रियों का ख्याल रखें। इसलिए आयोग ने एयरलाइन को दोनों यात्रियों को 50-50 हजार रुपये बतौर मुआवजा देने का फैसला सुनाया।
आयोग ने उनकी शिकायत को ठहराते हुए कहा कि एयरलाइन की जिम्मेदारी बनती है कि बुजुर्ग और बीमार यात्रियों का ख्याल रखें। इसलिए आयोग ने एयरलाइन को दोनों यात्रियों को 50-50 हजार रुपये बतौर मुआवजा देने का फैसला सुनाया।