फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Indian Railway Decide to Renovate Tracks Before Winters

बड़ा फैसलाः रेलवे को सता रहा है हादसों का डर, सर्दियों से पहले बदलेंगी जर्जर रेल पटरियां

Tue, 02 Oct 2018 12:54 PM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 02 Oct 2018 12:54 PM IST
विज्ञापन
Indian Railway Decide to Renovate Tracks Before Winters
indian railway
रेलवे को पुरानी जर्जर पटरियों की वजह से हादसों का डर बना हुआ है। सर्दियों में हादसों की संभावना ज्यादा होती है, क्योंकि सर्दी से पुरानी रेल पटरियां कई जगहों से चटकने लगती हैं। इसके मद्देनजर एहतियातन रेलवे ने हरियाणा, पंजाब और सहारनपुर सेक्शन में जर्जर पटरियों को बदलने की मुहिम शुरू कर दी है। ये पटरियां दशकों पुरानी हैं और इनकी मौजूदा हालत ज्यादा बेहतर नहीं है।
विज्ञापन


हरियाणा और पंजाब में इस तरह के कई प्वाइंट हैं, जहां पटरियों की मरम्मत व रिप्लेसमेंट की जरूरत है। अमूमन इन्हीं पटरियों की वजह से इन क्षेत्रों में कई बार रेल हादसे भी हो चुके हैं। पटरियों में खतरनाक क्रेक पड़ने से दोनों सूबों में कई बार भारी-भरकम मालगाड़ियां बेपटरी होकर पलटी भी हैं। हरियाणा में तो तेल के बड़े टैंक वैगन वाली मालगाड़ी भी इन्हीं जर्जर पटरियों का शिकार हो चुकी हैं।
विज्ञापन


जबकि यात्री ट्रेनें को भी क्रेक वाली पटरियां अपना शिकार बना चुकी हैं। मंडल रेल प्रबंधक दिनेश चंद शर्मा ने बताया कि सिक्योरिटी और सेफ्टी के मद्देनजर रेल प्रशासन बहुत ज्यादा संजीदा है। इसीलिए विभिन्न सेक्शन में इन पटरियों को बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। जितनी भी पुरानी और जर्जर हो चुकी पटरियां उन सभी को जल्द से जल्द बदल दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक प्रवीण गौड़ द्विवेदी बताती हैं कि हरियाणा और पंजाब के विभिन्न इलाकों लुधियाना सेक्शन, अंबाला सेक्शन, सहारनपुर सेक्शन में इस काम को शुरू करा दिया गया है। जिसके चलते ट्रेनों को कुछ घंटों का ब्लाक भी दिया जा रहा है।

आधुनिक मशीनों से विभिन्न सेक्शन में इस तरह चला काम

Indian Railway Decide to Renovate Tracks Before Winters
indian railway
- पहले चरण में ट्रेनों को 4 घंटे का ब्लाक देकर 1225 पटरियों के नए स्लीपर बदले गए।
- 4 घंटे का ब्लाक दे टर्नआउट लेइंग टी-25 मशीन से एसएसडब्ल्यू यार्ड में टर्नआउट लेइंग कंपलीट की गई।
- 2 घंटे 15 मिनट का ब्लाक देकर बालास्ट रेगुलेटिंग मशीन से 4200 मीटर तक  पटरियों के साथ-साथ और नुकीले पत्थर बिछाए गए।
- 2 घंटे 35 मिनट का ब्लाक देकर टर्नआउट टैपिंग मशीन से पटरियों को सेट किया गया।
- 3 घंटे का ब्लाक देकर 2.77 किलोमीटर पटरियों की प्लेन ट्रैक टैंपिंग की गई।
- 3 घंटे 15 मिनट का ब्लाक देकर रेल एंड स्लीपर कलैक्टिंग मशीन से काम चला।
- 3 घंटे का ब्लाक देकर पटरियों की सुपर स्ट्रेक्चर की रिन्यूअल की गई।
- इसके अलावा पटरियों की फिश प्लैट ऑयलिंग एवं ग्रीसिंग, टाइटिंग एंड फिटिंग, वेल्डिंग, ग्लूड ज्वाइंट की रिन्यूअल इत्यादि का भी काम चला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed