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Hindi News ›   Chandigarh ›   Indian Army Intelligence Bureau in Action Mode after Revealation of Fake Certificates of Fraud

सेना भर्ती के नाम पर ठगने वाले के जाली सर्टिफिकेट मिलने से सैन्य खुफिया तंत्र सक्रिय, जांच जारी

Thu, 23 Jul 2020 11:05 AM IST
खुशबू गोयल संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा(लुधियाना)
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा(लुधियाना) Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 23 Jul 2020 11:05 AM IST
सार

  • पुलिस जांच में अमर उजाला के खुलासे पर मोहर, ठग का असली नाम प्रदीप सिंह उर्फ पीरू
  • दिव्यांग भाई के सर्टिफिकेट पर सेना में 17 साल कर चुका है नौकरी
  • शातिर ने बदला ठिकाना फिल्लौर के पास गांव मुठड़ा में होने की सूचना

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Indian Army Intelligence Bureau in Action Mode after Revealation of Fake Certificates of Fraud
सरहद पर तैनात भारतीय सेना का जवान - फोटो : PTI

विस्तार

दिव्यांग भाई के सर्टिफिकेट पर सेना में 17 साल नौकरी कर चुके शातिर ठग के खुलासे के बाद अब सेना का खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। सेना के खुफिया तंत्र के अधिकारी अब सर्टिफिकेट की जांच कर रहे हैं। वहीं सेना में भर्ती शातिर ठग के रिश्तेदारों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि ठग का असली नाम प्रदीप सिंह उर्फ पीरू है।
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पुलिस उसकी तलाश कर रही है, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह अपना ठिकाना बदल रहा है। सूत्रों के अनुसार, अब उसने अपना नया ठिकाना फिल्लौर के पास गांव मुठड़ा में बना लिया है। बात दें कि अमर उजाला ने खुलासा किया था कि सेना में भर्ती के नाम पर युवकों से धोखाधड़ी करने वाला प्रदीप सिंह उर्फ स्वर्ण सिंह ने सेना में भर्ती के समय अपने दिव्यांग भाई के सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया था।
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उसके बड़े भाई का नाम स्वर्ण सिंह है, जबकि शातिर ठग का नाम प्रदीप सिंह है। खुद के सर्टिफिकेट में कुछ कमी के चलते उसने अपने भाई के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। अब सेना का खुफिया तंत्र उसके सर्टिफिकेट की सच्चाई जानने में जुटा है। वहीं आरोपी का साला भी जगरांवा ब्रिज के पास 152टीए में तैनात है। सेना के अधिकारी उससे भी पूछताछ कर रहे हैं, ताकी ज्यादा जानकारी एकत्र की जा सकें।
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पीड़ितों की फरियाद सुनने की जगह पुलिस लगवा रही है चक्कर

बुधवार को गांव ललतोकलां वासी हरदीप सिंह अपने साथ हुई ठगी की शिकायत लेकर थाना लाडोवाल पुलिस के पास पहुंचे। आरोपी ने उनके बेटे, बेटी और पुत्रवधु को भर्ती करवाने के नाम पर 12 लाख मांगे थे, जबकि डेढ़ लाख रुपये एडवांस ले गया था। उनके साथ दो अन्य पीड़ित भी शिकायत देने पहुंचे।

लेकिन पुलिस ने यह कहकर उन्हें भेज दिया कि मामला उनके एरिया का नहीं है, इसलिए वह डिवीजन नंबर पांच पुलिस के पास जाएं। पीड़ित फरियाद लेकर डिवीजन नंबर पांच में पहुंचे। यहां भी उन्हें एरिया का मामला न होने का हवाला देकर डिवीजन नंबर आठ में भेज दिया गया। वहां पर थाना अफसर ने फरियाद सुनने की जगह उन्हें घरों के पास नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करवाने की बात कहकर वापस भेज दिया है।

सेना के 152 टीए में तैनात मनजीत सिंह हेड क्लर्क के तीन रिश्तेदारों को भी प्रदीप सिंह ने भर्ती के नाम पर 12.50 लाख रुपये ठगे थे। मनजीत सिंह के साथ ही प्रदीप पोस्टेड था। इसके बाद 20 जून 2020 को थाना लाडोवाल में आरोपी प्रदीप व उसकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। वह खुद भगोड़ा हो गया, जबकि पत्नी मंदीप कौर को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली हुई है। 22 जुलाई को मंदीप कौर को जांच के लिए बुलाया था। इसमें खुलासा हुआ है कि आरोपी का असली नाम प्रदीप सिंह उर्फ पीरू ही है, जबकि स्वर्ण सिंह उसके बड़े भाई का नाम है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
- संदीप कुमार, जांच अफसर थाना लाडोवाल
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