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मिलिए, भारतीय मूल की इस अमेरिकी लेखिका से
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 10 May 2014 02:58 PM IST
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मिथ को सच्चाई मानकर चलती हूं और वो ही लिखती हूं। मेरा मानना है कि कोई भी मिथ ऐसे ही नहीं बना। उसके पीछे कोई ना कोई सच्ची कहानी जरूर छुपी होती है।
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यह कहना है भारतीय मूल की अमेरिकी लेखिका कमला के कपूर का। वे शुक्रवार को चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस पहुंचीं और इस दौरान उन्होंने साझा किए अपने लेखन से जुड़े अनुभव।
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कमला ने कहा कि साइकोलॉजी उनका पसंदीदा विषय था। उन्हें हर बात गहराई से जानने की आदत है। इसी आदत के चलते मैं एक लेखिका बन गई।
गुरु नानक जी पर लिखी किताब:
कमला ने हाल ही में एक किताब भी प्रकाशित की जिसका नाम ‘सिंगिंग गुरु - लीजेंड्स ऑफ गुरु नानक’ है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जी की जिंदगी के बारे में जो पढ़ा और सुना, उसी पर उनकी यह किताब आधारित है। साथ ही इसमें नानक जी की कुछ उदासियों को भी शामिल किया गया।
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उनकी इस किताब में मिथ के साथ ऐतिहासिक चीजों को भी दर्शाया गया है। कमला ने बताया कि उन्होंने इस किताब में गुरु नानक जी का शिष्य मरदाना की कहानियों को भी जगह दी है। वे इस किताब की 5-6 वॉल्यूम लिखेंगी।
हिमाचल की वादियां पसंद:
चंडीगढ़ से पढ़ाई कर चुकीं कमला ने बताया कि उन्हें हिमाचल की वादियां बेहद पसंद हैं। आजकल वे दो किताबों पर काम कर रही हैं जिनमें से एक फैंटेसी पर आधारित है।