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Haryana Loksabha Election: बढ़ता अपराध पहली बार बना चुनावी मुद्दा, पार्टियां कर रही अपराधियों के सफाये की बात

Wed, 03 Apr 2024 12:01 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 03 Apr 2024 12:01 PM IST
सार

बीते कुछ सालों में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के खिलाफ अपराध बढ़ने के कारण हरियाणा देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया। डकैती के मामले में भी हरियाणा ने इस बार यूपी और दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है। अपहरण के केस भी बढ़े हैं। पहले अपराध की ये घटनाएं केवल राजधानी दिल्ली से सटे शहरों में दर्ज होती थी लेकिन अब पूरे प्रदेश में इनका प्रभाव दिख रहा है। इसके साथ ही पुलिस की कार्रवाई पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं, क्योंकि केस दर्ज होने के बाद भी आरोप पत्र दाखिल करने में हरियाणा देश में तीसरे पायदान पर है।

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Increasing crime has become an election issue for first time in Haryana
crime - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपने देसी खान-पान और पहलवानों के कारण पूरी दुनिया में मशहूर हुए हरियाणा में पहली बार अपराध भी चुनावी मुद्दा बन गया है। बढ़ते अपराध और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर विपक्षी दल अभी से भाजपा को निशाने पर ले रहे हैं। 
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हालांकि, सरकार का दावा है कि सब कुछ नियंत्रण में हैं, लेकिन पहली बार चौक-चौराहों और हुक्का-चौपालों पर आपराधिक वारदात बढ़ने की चर्चा आम है। यह भी पहली बार है कि राजनीतिक दल अपराधियों के सफाये को अपने चुनावी वादों में शामिल कर रहे हैं। सभी दल अपराधमुक्त हरियाणा और भयमुक्त प्रदेश का नारा दे रहे हैं।
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राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की साल 2022 की रिपोर्ट की मानें तो साल 2022 में प्रदेश में 2.43 लाख आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं, जो साल 2021 से 17.6 फीसदी अधिक हैं। बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी 7.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में साल 2022 में 6,138 मामले दर्ज किए गए, जो साल 2021 में 5,700 और 2020 में 4,338 थे। 
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पड़ोसी राज्य पंजाब में महज 2,494 केस दर्ज हुए हैं। हरियाणा में पॉक्सो एक्ट के तहत 1,272 बच्चियों के यौन शोषण के मामले भी दर्ज हुए हैं, इसके अलावा 68 लड़कों को भी शोषण का शिकार बनाया गया है। प्रदेश में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में भी 50 फीसदी की बढ़ोतरी चिंता की लकीर खींच रही है। इनके अलावा पिछले साल हुई नूंह हिंसा और इस साल एक के बाद एक सात नामी शख्सियतों की हुई सरेआम हत्या व तीन बार हुई गैंगवार ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

आरोप पत्र दाखिल करने में भी पीछे
एनसीआरबी के मुताबिक, हरियाणा में महिलाओं से दुष्कर्म और बच्चों के खिलाफ अपराध के 57.2 फीसदी मामलों में अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने की दर भी काफी खराब रही है। भाजपा सरकार के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल विज ने बीते साल 372 जांच अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया था। इन सभी आईओ ने सालों से आरोप पत्र दायर नहीं किए थे। विज की चेतावनी के बावजूद कोई सुधार नहीं आया था। वहीं, बच्चों के खिलाफ अपराधों में आरोप पत्र दाखिल करने की दर साल 2022 में महज 41.6 प्रतिशत रही है।

लगातार बढ़ महिलाओं पर अपराध
हरियाणा में प्रति 1 लाख पर महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर 118.7 फीसदी रही है, जबकि दिल्ली में 144.4 फीसदी दर रही है। 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में महिला अपराध में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। महिला अपराध से संबंधित एक साल में 3,658 मामले ज्यादा दर्ज किए गए हैं। सबसे चिंताजनक है कि इन मामलों में 1,716 केस दुष्कर्म के हैं। वर्ष 2020 में 13 हजार मामले महिला अपराध के दर्ज किए गए थे, जो 2021 में बढ़कर 16,658 पर पहुंच गए हैं। 2020 में 1373 की तुलना में 2021 में 1716 दुष्कर्म की घटनाएं हुई। घरेलू हिंसा के मामले भी एक साल में 450 रिकॉर्ड किए गए।

पंजाब की तर्ज पर गैंगस्टर कल्चर आया...सोशल मीडिया पर जिम्मेवारी लेते हैं गैंगस्टर
मूसेवाला, गोगामेड़ी व राजू ठेहठ की हत्या में हरियाणा के अपराधी शामिल रहे

बढ़ते अपराध के साथ हरियाणा की एक और तस्वीर सामने आई है। पहली बार हरियाणा में पड़ोसी राज्य पंजाब की तर्ज पर गैंगस्टर कल्चर बढ़ा है। किसी भी वारदात को अंजाम देने के बाद गैंगस्टर तुरंत सोशल मीडिया पर वारदात की जिम्मेदारी लेते हैं और पुलिस को चुनौती देते हैं। पुलिस केवल उसी सोशल मीडिया के आधार पर केस की जांच आगे बढ़ाती है और बदमाश एक के बाद एक वारदात को अंजाम देकर फरार हो रहे हैं। इसके अलावा, हरियाणा के साथ लगते राज्यों पंजाब, राजस्थान में हुई बड़ी वारदातों में हरियाणा के बदमाशों का हाथ मिला है। पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या हो या फिर राजस्थान में गैंगस्टर राजू ठेहठ व करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड। इन सभी में हरियाणा के अपराधियों के नाम सामने आए। हरियाणा के लिए यह बड़ी चुनौती है कि युवा लगातार अपराध की दलदल में धंसते जा रहे हैं।

कांग्रेस की सरकार बनने पर होगा अपराधियों का सफाया : हुड्डा
हरियाणा सरकार बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का केवल नारा देती है, बेटियों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया है। एनसीआरबी के अनुसार, 2022 में महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक अपराध दर्ज करने वाले राज्यों की सूची में हरियाणा शीर्ष पर है। इसमें 1,787 दुष्कर्म और 234 दहेज व हत्या के मामले हैं। इससे भयावय तस्वीर हरियाणा की और क्या होगी। न व्यापारी सुरक्षित है और न ही उद्योगपति, सरेआम धमकी देकर गोलियां चलाकर व्यापारियों से फिरौती ली जा रही हैं। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। कांग्रेस की सरकार बनने पर अपराधियों का सफाया कराया जाएगा। इससे पहले भी कांग्रेस, 2005 और 2009 में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर चुकी है और लोग उस समय के शासन को याद करते हैं। अपराध मुक्त हरियाणा कांग्रेस का वादा है। - भूपिंदर सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस

भयमुक्त शासन देना इनेलो का संकल्प : अभय चौटाला

पिछले दस सालों में हरियाणा में बेतहाशा अपराध बढ़ा है। एनसीआरबी की रिपोर्ट इसकी गवाह हैं। सरकार ने केवल और केवल लोगों को गुमराह करने का काम किया है। कानून नाम की प्रदेश में कोई चीज नहीं बची है। सरेआम पूर्व विधायक और हमारी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष की हत्या कर दी गई। अन्य विधायकों को भी लगातार धमकी भरे फोन आए हैं, लेकिन सरकार इस मामले में कुछ नहीं कर पाई है। प्रदेश में न बेटियां सुरक्षित हैं और न ही व्यापारी। लोगों को भयमुक्त शासन देना इनेलो का संकल्प है। इनेलो की सरकार बनी तो अपराधियों का हरियाणा से सफाया किया जाएगा। -अभय चौटाला, प्रधान महासचिव, इनेलो

संगठित अपराध के खात्मे के लिए काम किया : मनोहर लाल

हरियाणा सरकार ने पिछले साढ़े साल में अपराधियों पर शिकंजा कसा है, खासकर संगठित अपराध के खात्मे के लिए काम किया है। इसके लिए विशेष तौर पर एसटीएफ का गठन किया गया है। साथ ही संगठित अपराधों में शामिल बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक पास किया गया है। इस कानून के तहत न केवल गैंगस्टरों, उनके मुखियाओं और संगठित आपराधिक गिरोह के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई होगी, बल्कि पुलिस को भी सशक्त बनाया गया है। हकोका में 2 साल उम्रकैद तक की सजा और 2 लाख रुपये से दस लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। - पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा

तीन महीने में हुईं बड़ी वारदात
21 जनवरी : गोहाना की पुरानी अनाज मंडी में शिव चौक के निकट लाला मातूराम हलवाई की दुकान के बाहर बाइक सवार तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।
29 जनवरी : लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर राजन की हत्या की गई। मारने से पहले हाथ-पैर बांधे गए। शव को आधा जला दिया गया।
7 फरवरी : रोहतक जिले के सांपला कस्बे में मशहूर हलवाई सीताराम की दुकान पर फायरिंग कर एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई।
22 फरवरी : गुरुग्राम में घर के बाहर गैंगवार। टैक्सी चालक को गोलियों से भूना। हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी।
25 फरवरी : इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की बहादुरगढ़ में गोली मार कर हत्या की गई।
29 फरवरी : रोहतक के लाखनमाजरा के पास गुरुग्राम के स्क्रैप व्यापारी सचिन मुंजाल की गोली मार कर हत्या।
1 मार्च : जींद के दनौंदा कलां के सुशील की बड़नपुर के पास गोली मार कर हत्या की गई। वह गुजरात की ट्रांसपोर्ट कंपनी में मैनेजर था।
1 मार्च : रोहतक जिले के लाखनमाजरा में होटल में खाना खा रहे सचिन गोदा की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या की गई। गोल्डी बराड़ गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली। सचिन को फिरौती के लिए धमकी मिल रही थी।
3 मार्च : हांसी के कंवारी गांव के पास सरपंच संजय दूहन की छह गोलियां मारकर हत्या की गई।
4 मार्च : रोहतक के गांव भैणीचंद्रपाल मेंकिसान रूप सिंह की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या।
5 मार्च : झज्जर के भूरावास गांव निवासी एसटीएफ जवान सतबीर की गोली मारकर हत्या।
10 मार्च : गांव सरगथल के शराब कारोबारी सुंदर मलिक (36) की मुरथल के गुलशन ढाबा परिसर में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। भाऊ गैंग के सरगना हिमांशु रिटोली ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी ली।

छह विधायकों तक को मिली धमकी, गनमैनों को मिली एके 47
जुलाई 2022 में हरियाणा के छह विधायकों को विदेश से जान से मारने की धमकी मिली थी और फिरौती मांगी गई थी। इनमें सत्ताधारी विधायक भी शामिल थे। विधायक रेणुबाला, सुरेंद्र पंवार, कंवर संजय सिंह, सुभाष गांगोली, कुलदीप वत्स, मामन खान और कुलदीप वत्स ने शिकायत भी दर्ज करवाई थी। वहीं, धमकी देते वक्त सिद्धू मूसेवाला का भी जिक्र किया। पांच के पास काल दुबई से आई हैं। इस मामले में एसटीएफ ने आधा दर्जन अपराधियों को काबू किया था, हालांकि विधायकों ने इस कार्रवाई पर संतोष नहीं जताया था। इसके बाद विधायकों के गनमैनों को एके 47 दी गई।


पहली बार नूंह हिंसा से हुआ दागदार
31 जुलाई और अगस्त के प्रथम सप्ताह में ब्रजमंडल यात्रा के दौरान नूंह में हुए दंगों के चलते हरियाणा झुलसा। नल्हड़ शिव मंदिर से फिरोजपुर-झिरका की तरफ रवाना हुई यात्रा पर पथराव और फायरिंग हुई। उपद्रवियों ने कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस पर भी पथराव किया गया। गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी में भी दंगों का असर रहा। कई दिनों तक रास्ते बंद रहे और धारा 144 लगाकर इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गई।
 
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