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Highcourt: सरकारी नौकरी के आवेदन फार्म में तीसरे लिंग को शामिल करने की मांग, हरियाणा सरकार से जवाब तलब
Tue, 29 Aug 2023 02:27 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Aug 2023 02:27 AM IST
सार
याची ने बताया कि उसके पास ट्रांसजेंडर का प्रमाणपत्र है जो चंडीगढ़ के डीसी की ओर से छह अगस्त 2022 को जारी किया गया था। इस प्रमाणपत्र के आधार पर उन्होंने अपने आधार कार्ड में अपना लिंग बदलवा लिया है। याचिकाकर्ता ने पर्वतारोहण में प्रशिक्षण लेने के बाद माउंट यूनुम चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी और ऐसा करने वाले पहले ट्रांसजेंडर हैं।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
विस्तार
हरियाणा में सरकारी नौकरी के आवेदन फार्म में ट्रांसजेंडर का कॉलम तीसरे लिंग के रूप में शामिल करने की मांग संबंधी याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार, एचपीएससी, एसएसएससी और कौशल रोजगार निगम को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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चंडीगढ़ के ट्रांसजेंडर सौरव उर्फ किटू टांक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में ट्रांसजेंडर समुदाय को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दी है। इस आदेश के बाद कई राज्य नौकरियों के आवेदन फार्म व अन्य दस्तावेजों में ट्रांसजेंडर कॉलम शामिल कर चुके हैं लेकिन हरियाणा में अब इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस बारे में उन्होंने सरकार को मांग पत्र भी दिया था लेकिन उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए उन्हें मजबूरन हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी।
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याची ने बताया कि उसके पास ट्रांसजेंडर का प्रमाणपत्र है जो चंडीगढ़ के डीसी की ओर से छह अगस्त 2022 को जारी किया गया था। इस प्रमाणपत्र के आधार पर उन्होंने अपने आधार कार्ड में अपना लिंग बदलवा लिया है। याचिकाकर्ता ने पर्वतारोहण में प्रशिक्षण लेने के बाद माउंट यूनुम चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी और ऐसा करने वाले पहले ट्रांसजेंडर हैं। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अप्रैल में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास किया था लेकिन खराब मौसम के कारण वह इस उपलब्धि की हासिल नहीं कर सके।
याचिकाकर्ता के मुताबिक, उन्होंने बारहवीं की पढ़ाई पूरी कर ली है। पिछले दिनों हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल (कार्यकारी) की भर्ती में भाग लेने की छूट मिल गई थी। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि अधिकतर सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर को भाग लेने के लिए योग्य नहीं माना जाता। उन्होंने याचिका के जरिए हाईकोर्ट से अपील की है कि हरियाणा सरकार को आदेश दिया जाए कि सरकारी नौकरी के लिए सभी आवेदनों में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग कॉलम का प्रावधान हो ताकि वह भी भर्ती में भाग ले सकें। याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।