फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   In response to a question raised by MP Manish Tewari in the Lok Sabha, Minister of State for New and Renewable Energy Shripad Yesso Nayak clarified:

Chandigarh News: लोकसभा में सांसद मनीष तिवारी के पूछे सवाल पर नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नायक ने किया स्पष्ट-

Thu, 11 Dec 2025 01:51 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Dec 2025 01:51 AM IST
विज्ञापन
In response to a question raised by MP Manish Tewari in the Lok Sabha, Minister of State for New and Renewable Energy Shripad Yesso Nayak clarified:

विज्ञापन
चंडीगढ़। रूफटॉप सोलर प्लांट नहीं लगवाने पर जमीन की रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं होगी। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ प्रशासन को उन्होंने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। लोकसभा में सांसद मनीष तिवारी द्वारा पूछे गए सवाल में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नायक ने जवाब देते हुए कहा कि 31 अक्तूबर 2025 तक देशभर में 22.4 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की जा चुकी है। चंडीगढ़ में 6,606 सरकारी भवनों पर कुल 52.82 मेगावॉट क्षमता, हरियाणा में 241 भवनों पर 4.82 मेगावॉट क्षमता के साथ और पंजाब में 4,474 भवनों पर 34 मेगावॉट क्षमता तक सोलर प्लांट इंस्टाल किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त देशभर के 13,525 केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों और सरकारी भवनों पर 619.78 मेगावॉट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं।


सोलर प्लांट लगाने के लिए कोई जबरन आदेश नहीं
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मंत्रालय ने राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों को किसी भी प्रकार के दंडात्मक या जबरन उपाय जैसे भवन उपनियमों में बदलाव या रजिस्ट्री/कन्वेयंस डीड रद्द करने के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरी तरह स्वैच्छिक है। चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा लैंडफिल में वर्षों से जमा कचरे और वेस्ट-टू-एनर्जी (डब्ल्यूटीई) प्लांट की अनुपस्थिति पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि नगर निगम चंडीगढ़ के साइट पर गीले और सूखे कचरे की प्रोसेसिंग जारी है। कचरे से रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) तैयार किया जा रहा है। यह डब्ल्यूटीई प्रक्रिया का मान्य हिस्सा है। कानूनी विवादों के कारण कई वर्षों तक वैकल्पिक डब्ल्यूटीई सुविधाएं नहीं बन सकीं। 2020 से प्लांट एमसीसी के अधीन है और प्रतिदिन लगभग 200 एमटीडी कचरे की प्रोसेसिंग हो रही है। इसके अलावा हाल ही में एमसीसी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके तहत डड्डूमाजरा में एक ऑर्गेनिक कचरा आधारित कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट प्रतिदिन लगभग 230 एमटीडी कचरे की प्रोसेसिंग करेगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed