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Chandigarh News: अवैध से वैध हुई काॅलोनियों का 500 करोड़ रुपये से होगा विकास
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 1449 काॅलोनियों को लेकर की बड़ी घोषणा
बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए हरियाणा शहरी सम विकास योजना की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अवैध से वैध हुई काॅलोनियों में विकास कराने के लिए प्रदेश सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है। ऐसी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं देने का काम शहरी विकास योजना के तहत होगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में इस योजना की घोषणा की। इस योजना में हरियाणा शहरी विकास निधि से 500 करोड़ रुपए का प्रारंभिक कोष अलग रखा जाएगा। इससे हाल ही में सरकार द्वारा वैध की गई 449 काॅलोनियों में काम शुरू हो सकेंगे। इसके अलावा, 1000 और कॉलोनियों नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। बाद में यहां पर भी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विधानसभा सत्र के तीसरे दिन मनोहर लाल ने कहा कि उपरोक्त फंड नियमित की गई कॉलोनियों के निवासियों पर लगाए जाने वाले विकास शुल्क के अतिरिक्त होगा। जो पूरी तरह से कॉलोनी में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रयोग किया जाएगा। इस पैसे से सड़कें, पार्क, सीवरेज, पानी समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। गौर हो कि हरियाणा में अवैध कालोनियों में फिलहाल रास्ते कच्चे हैं और कालोनियों में समस्याओं की भरमार है। हर बार विधानसभा में कालोनियों के मुद्दे को उठाया जाता रहा है।
5 सदस्यीय कमेटी करेगी गाद की समस्या का समाधान
छोटी नदियां जैसे मारकंडा, घग्गर, टांगरी इत्यादि नदियों में गाद को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व, मुख्यमंत्री के सलाहकार (सिंचाई), पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, खनन एवं भू विज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव शामिल हैं। नदियों में गाद भर जाती है, जिसे न तो सिंचाई विभाग और न ही खनन विभाग निकालता है, जिससे बाढ़ का कारण बनता है।
सीएम बोले- अर्थव्यवस्था पर दिए गए विपक्ष के आंकड़े सही नहीं
विपक्ष के सदस्यों द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पेश किए गए आंकड़ों को लेकर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में प्रदेश की जीएसडीपी 4 लाख 37 हजार करोड़ थी जो आज बढ़कर 9 लाख करोड़ हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा दिए गए इंटरनल डेट के आंकड़े सही नहीं है। विपक्ष ने पब्लिक अकाउंट डिपॉजिट में आंकड़े 44,000 करोड़ रुपए बताएं, जबकि यह 40,000 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि इंटरनल डेट को दायित्वों में नहीं जोड़ा जाता। 2014- 15 के बजट में भी इंटरनल डेट 2.58 प्रतिशत था, जोकि आज 2.3 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2006 से पहले के कर्मचारियों को पेंशन दी जा रही है। इसके अलावा, 2006 के बाद के कर्मचारियों की पेंशन यानी 10 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार के ट्रस्ट में जमा हो रहा है और हरियाणा सरकार अपना हिस्सा यानी 14 प्रतिशत साथ-साथ वितरित कर रही है। इस हिसाब से सरकार पर दोगुना भार पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति जीएसटी कलेक्शन के मामले में हरियाणा बड़े राज्यों में पहले नंबर पर है।
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बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए हरियाणा शहरी सम विकास योजना की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अवैध से वैध हुई काॅलोनियों में विकास कराने के लिए प्रदेश सरकार ने रोडमैप तैयार कर लिया है। ऐसी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं देने का काम शहरी विकास योजना के तहत होगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में इस योजना की घोषणा की। इस योजना में हरियाणा शहरी विकास निधि से 500 करोड़ रुपए का प्रारंभिक कोष अलग रखा जाएगा। इससे हाल ही में सरकार द्वारा वैध की गई 449 काॅलोनियों में काम शुरू हो सकेंगे। इसके अलावा, 1000 और कॉलोनियों नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। बाद में यहां पर भी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विधानसभा सत्र के तीसरे दिन मनोहर लाल ने कहा कि उपरोक्त फंड नियमित की गई कॉलोनियों के निवासियों पर लगाए जाने वाले विकास शुल्क के अतिरिक्त होगा। जो पूरी तरह से कॉलोनी में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रयोग किया जाएगा। इस पैसे से सड़कें, पार्क, सीवरेज, पानी समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। गौर हो कि हरियाणा में अवैध कालोनियों में फिलहाल रास्ते कच्चे हैं और कालोनियों में समस्याओं की भरमार है। हर बार विधानसभा में कालोनियों के मुद्दे को उठाया जाता रहा है।
5 सदस्यीय कमेटी करेगी गाद की समस्या का समाधान
छोटी नदियां जैसे मारकंडा, घग्गर, टांगरी इत्यादि नदियों में गाद को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व, मुख्यमंत्री के सलाहकार (सिंचाई), पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, खनन एवं भू विज्ञान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव शामिल हैं। नदियों में गाद भर जाती है, जिसे न तो सिंचाई विभाग और न ही खनन विभाग निकालता है, जिससे बाढ़ का कारण बनता है।
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सीएम बोले- अर्थव्यवस्था पर दिए गए विपक्ष के आंकड़े सही नहीं
विपक्ष के सदस्यों द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पेश किए गए आंकड़ों को लेकर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में प्रदेश की जीएसडीपी 4 लाख 37 हजार करोड़ थी जो आज बढ़कर 9 लाख करोड़ हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा दिए गए इंटरनल डेट के आंकड़े सही नहीं है। विपक्ष ने पब्लिक अकाउंट डिपॉजिट में आंकड़े 44,000 करोड़ रुपए बताएं, जबकि यह 40,000 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि इंटरनल डेट को दायित्वों में नहीं जोड़ा जाता। 2014- 15 के बजट में भी इंटरनल डेट 2.58 प्रतिशत था, जोकि आज 2.3 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2006 से पहले के कर्मचारियों को पेंशन दी जा रही है। इसके अलावा, 2006 के बाद के कर्मचारियों की पेंशन यानी 10 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार के ट्रस्ट में जमा हो रहा है और हरियाणा सरकार अपना हिस्सा यानी 14 प्रतिशत साथ-साथ वितरित कर रही है। इस हिसाब से सरकार पर दोगुना भार पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति जीएसटी कलेक्शन के मामले में हरियाणा बड़े राज्यों में पहले नंबर पर है।
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