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पंजाब पुलिस के एएसआई के घर से अवैध पिस्टल, पांच कारतूस बरामद, गैंगस्टर बेटे ने छुपा रखा था
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चंडीगढ़। सकेतड़ी मंदिर के सामने दिनदहाड़े बाउंसर मीत की हत्या और जिम ट्रेनर अखिल पर फायरिंग करने के आरोपी गैंगस्टर गगनदीप सिंह को ऑपरेशन सेल ने पिस्टल और पांच कारतूूसों के साथ दबोच लिया है। गगन की गिरफ्तारी नयागांव स्थित उसके घर से हुई। गगन के पिता पंजाब पुलिस में एएसआई हैं। ऐसे में घर से अवैध हथियार बरामद होना बड़ा मामला है।
ऑपरेशन सेल के प्रभारी अमनजोत ने बताया कि गगनदीप सिंह हाल ही में जेल से छूटा है। सूचना मिली थी कि उसके पास अवैध हथियार हैं। इस आधार पर टीम गठित कर उसके घर पर दबिश दी गई। आरोपी के घर से 30 बोर की पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने रविवार को आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने में पेश किया। जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ करेगी कि मामले में उसके साथ और कौन शामिल था। साथ ही हथियार कहां से आए थे। बता दें कि बीते एक माह में ऑपरेशन सेल ने छह गैंगस्टरों और उनके गुर्गों को गिरफ्तार किया है।
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लक्की गैंग से बचने के लिए रखे थे हथियार
गगनदीप सिंह बीते 23 फरवरी को अंबाला जेल से जमानत पर बाहर आया था। सेक्टर-26 के जिम में जिम ट्रेनर अखिल को गोलियां मारकर घायल करने के मामले में गगनदीप को 7 साल की सजा हो चुकी है। प्राथमिक पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसे गौरव पटियाल उर्फ लक्की गैंग मारने की फिराक में है इसलिए बचाव के लिए उसने ये हथियार रखे थे। लक्की पटियाल बाउंसर मीत का खास दोस्त है। लक्की ने दोस्त का बदला लेने के लिए हत्याकांड में शामिल अमनदीप सिंह उर्फ मनी और लाड़ी पर गोलियां चलाने का भी प्रयास किया लेकिन उनके धोखे में कुछ कार सवार युवकों को गोली लग गई और उनकी मौत हो गई। बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए लक्की गैंग ने कहा था कि यह लोग गलती से मारे गए। वह अमनदीप और लाड़ी को मारने वाला था।
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विक्की गौंडर के साथ था जेल में, गगनदीप जानता था वह भागने वाला है
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बाउंसर मीत की हत्या मामले में गिरफ्तार होने के बाद नाभा जेल में गगनदीप की मुलाकात गैंगस्टर विक्की गौंडर से हुई थी। गगनदीप और गौंडर एक ही बैरक में बंद थे। गगन ने पूछताछ में बताया कि उसे पता था गौंडर जेल से भागने वाला है। इसमें गौंडर का कौन-कौन साथ दे रहा है, इसकी भी जानकारी उसे थी। विक्की गौंडर की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो चुकी है।
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यह था मामला
गगनदीप और अमित उर्फ मीत दोनों बाउंसर थे। इस दौरान दोनों के बीच झगड़ा हो गया। 5 जुलाई 2016 को सेक्टर-26 स्थित फ्लैक्सिटी जिम में नयागांव निवासी गगनदीप सिंह, मोहाली के तियूड़ गांव निवासी मुनीष कुमार उर्फ मनी, परीक्षित व गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी बाउंसर मीत को मारने पहुंचे थे। इस दौरान जिम ट्रेनर अखिल सामने आ गया और उस पर गोलियां बरसा दीं। शोर सुनकर लोग पहुंचते तब तक आरोपी मौके से भाग गए। इसके बाद 8 मई 2017 को बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत अपनी मां के साथ सकेतड़ी स्थित मंदिर गया था। तभी छतबनूड़ निवासी लाडी, जीरकपुर निवासी मनी और नयागांव निवासी मनीष ने उसकी गाड़ी की हवा निकाल दी। इसके बाद जब मीत मंदिर से बाहर आया तो आरोपियों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। एक आरोपी गुरी को छोड़कर सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी अब तक भगोड़ा है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि मीत की हत्या उन्होंने गगनदीप के कहने पर की थी।
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ऑपरेशन सेल के प्रभारी अमनजोत ने बताया कि गगनदीप सिंह हाल ही में जेल से छूटा है। सूचना मिली थी कि उसके पास अवैध हथियार हैं। इस आधार पर टीम गठित कर उसके घर पर दबिश दी गई। आरोपी के घर से 30 बोर की पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने रविवार को आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने में पेश किया। जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ करेगी कि मामले में उसके साथ और कौन शामिल था। साथ ही हथियार कहां से आए थे। बता दें कि बीते एक माह में ऑपरेशन सेल ने छह गैंगस्टरों और उनके गुर्गों को गिरफ्तार किया है।
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लक्की गैंग से बचने के लिए रखे थे हथियार
गगनदीप सिंह बीते 23 फरवरी को अंबाला जेल से जमानत पर बाहर आया था। सेक्टर-26 के जिम में जिम ट्रेनर अखिल को गोलियां मारकर घायल करने के मामले में गगनदीप को 7 साल की सजा हो चुकी है। प्राथमिक पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसे गौरव पटियाल उर्फ लक्की गैंग मारने की फिराक में है इसलिए बचाव के लिए उसने ये हथियार रखे थे। लक्की पटियाल बाउंसर मीत का खास दोस्त है। लक्की ने दोस्त का बदला लेने के लिए हत्याकांड में शामिल अमनदीप सिंह उर्फ मनी और लाड़ी पर गोलियां चलाने का भी प्रयास किया लेकिन उनके धोखे में कुछ कार सवार युवकों को गोली लग गई और उनकी मौत हो गई। बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए लक्की गैंग ने कहा था कि यह लोग गलती से मारे गए। वह अमनदीप और लाड़ी को मारने वाला था।
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विक्की गौंडर के साथ था जेल में, गगनदीप जानता था वह भागने वाला है
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बाउंसर मीत की हत्या मामले में गिरफ्तार होने के बाद नाभा जेल में गगनदीप की मुलाकात गैंगस्टर विक्की गौंडर से हुई थी। गगनदीप और गौंडर एक ही बैरक में बंद थे। गगन ने पूछताछ में बताया कि उसे पता था गौंडर जेल से भागने वाला है। इसमें गौंडर का कौन-कौन साथ दे रहा है, इसकी भी जानकारी उसे थी। विक्की गौंडर की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो चुकी है।
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यह था मामला
गगनदीप और अमित उर्फ मीत दोनों बाउंसर थे। इस दौरान दोनों के बीच झगड़ा हो गया। 5 जुलाई 2016 को सेक्टर-26 स्थित फ्लैक्सिटी जिम में नयागांव निवासी गगनदीप सिंह, मोहाली के तियूड़ गांव निवासी मुनीष कुमार उर्फ मनी, परीक्षित व गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी बाउंसर मीत को मारने पहुंचे थे। इस दौरान जिम ट्रेनर अखिल सामने आ गया और उस पर गोलियां बरसा दीं। शोर सुनकर लोग पहुंचते तब तक आरोपी मौके से भाग गए। इसके बाद 8 मई 2017 को बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत अपनी मां के साथ सकेतड़ी स्थित मंदिर गया था। तभी छतबनूड़ निवासी लाडी, जीरकपुर निवासी मनी और नयागांव निवासी मनीष ने उसकी गाड़ी की हवा निकाल दी। इसके बाद जब मीत मंदिर से बाहर आया तो आरोपियों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। एक आरोपी गुरी को छोड़कर सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी अब तक भगोड़ा है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि मीत की हत्या उन्होंने गगनदीप के कहने पर की थी।