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पीयू में आग: IIT रूड़की की रिपोर्ट- ज्यादा नुकसान नहीं, रिपेयर कराने की सलाह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Jul 2017 09:15 AM IST
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- फोटो : File Photo
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के एडमिन ब्लॉक में लगी आग के बाद इमारत की मजबूती परखने के लिए आईआईटी रूड़की से जांच कराई थी, जिस पर रिपोर्ट आईआईटी एक्सपर्ट्स ने दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आग की वजह से इमारत के मूल निर्माण को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। एक्सपर्ट से इसकी रिपेयर कराकर इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं रिटायर जस्टिस की अगुवाई में बनी कमेटी की रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।
आईआईटी रूड़की एक्सपर्ट उमेश शर्मा और उनकी टीम ने फाइनल रिपोर्ट में पीयू को सलाह दी है कि जब प्रभावित एरिया की रिपेयर का काम करें, तो उसके ऊपरी फ्लोर का इस्तेमाल न किया जाए। रिपेयर का काम किसी एक्सर्ट से कराया जाए। आईआईटी की तरफ से प्राथमिक रिपोर्ट में भी यही कहा गया था कि इमारत का मूल निर्माण सुरक्षित है, जरूरत है तो सिर्फ एक्सपर्ट रिपेयर की।
बता दें कि 14 मई को पीयू के एडमिन ब्लॉक में आग लग गई थी, जिसके बाद कई सवाल उठे। इस हादसे में काफी रिकॉर्ड जल गया था। इस प्रकरण की जांच के लिए पीयू की तरफ से तीन अलग-अलग कमेटियां बनाई गई थीं। पहली कमेटी फोरेंसिक जांच के लिए बनी, जिसको रिपोर्ट अभी नहीं आई। दूसरी कमेटी रिटायर जस्टिस की अगुवाई में बनी, उस रिपोर्ट का भी अभी इंतजार है। तीसरी कमेटी आईआईटी रूड़की की बनी थी, जहां से रिपोर्ट आ चुकी है।
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आईआईटी रूड़की एक्सपर्ट उमेश शर्मा और उनकी टीम ने फाइनल रिपोर्ट में पीयू को सलाह दी है कि जब प्रभावित एरिया की रिपेयर का काम करें, तो उसके ऊपरी फ्लोर का इस्तेमाल न किया जाए। रिपेयर का काम किसी एक्सर्ट से कराया जाए। आईआईटी की तरफ से प्राथमिक रिपोर्ट में भी यही कहा गया था कि इमारत का मूल निर्माण सुरक्षित है, जरूरत है तो सिर्फ एक्सपर्ट रिपेयर की।
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बता दें कि 14 मई को पीयू के एडमिन ब्लॉक में आग लग गई थी, जिसके बाद कई सवाल उठे। इस हादसे में काफी रिकॉर्ड जल गया था। इस प्रकरण की जांच के लिए पीयू की तरफ से तीन अलग-अलग कमेटियां बनाई गई थीं। पहली कमेटी फोरेंसिक जांच के लिए बनी, जिसको रिपोर्ट अभी नहीं आई। दूसरी कमेटी रिटायर जस्टिस की अगुवाई में बनी, उस रिपोर्ट का भी अभी इंतजार है। तीसरी कमेटी आईआईटी रूड़की की बनी थी, जहां से रिपोर्ट आ चुकी है।
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