{"_id":"607829ee8ebc3e8cbc5615b1","slug":"ig-kunwar-vijay-pratap-singh-tweet-will-continue-to-serve-but-not-like-ips","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंवर विजय प्रताप ने लिखा- सेवा करता रहूंगा लेकिन आईपीएस की तरह नहीं...आरोपपत्र का हर वाक्य अपने आप में सुबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंवर विजय प्रताप ने लिखा- सेवा करता रहूंगा लेकिन आईपीएस की तरह नहीं...आरोपपत्र का हर वाक्य अपने आप में सुबूत
Thu, 15 Apr 2021 05:30 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 15 Apr 2021 05:30 PM IST
सार
ट्वीट किया- मैंने अपना काम किया ... मुझे कोई अफसोस नहीं है... मेरा सबसे आग्रह है कि इस मामले को महिमामंडित या राजनीतिककरण न करें... मेरे द्वारा दी गई रिपोर्ट और चार्जशीट का प्रत्येक वाक्य अपने आप में एक सबूत है ... इसे किसी भी हालत में अनदेखा नहीं किया जा सकता ... कसूरवार व्यक्ति किसी भी हालत में सच के आईने का सामना करने की हिम्मत नहीं कर सकता ।
विज्ञापन
आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह
- फोटो : फाइल
विस्तार
कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड की जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह अपना इस्तीफा नामंजूर होने के बाद भी अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से इस्तीफा खारिज किए जाने के बाद देर रात ट्वीट कर लिखा कि वे समाज की सेवा करते रहेंगे लेकिन एक आईपीएस अधिकारी के तौर पर नहीं।
विज्ञापन
उन्होंने ट्वीट किया- मैंने अपना काम किया ... मुझे कोई अफसोस नहीं है... मेरा सबसे आग्रह है कि इस मामले को महिमामंडित या राजनीतिककरण न करें... मेरे द्वारा दी गई रिपोर्ट और चार्जशीट का प्रत्येक वाक्य अपने आप में एक सुबूत है ... इसे किसी भी हालत में अनदेखा नहीं किया जा सकता ... कसूरवार व्यक्ति किसी भी हालत में सच के आईने का सामना करने की हिम्मत नहीं कर सकता .... मैंने अंतिम फैसले के लिए अपनी अपील श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की अदालत में दाखिल कर दी है, जो मेरी बुद्धि और कानून के ज्ञान के हिसाब से सबसे बड़ी अदालत है। मैं समाज की सर्वोत्तम तरीके से सेवा करना जारी रखूंगा लेकिन आईपीएस की तरह नहीं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- बृजेश सिंह हत्याकांड : हवालात से आरोपी के भागने के मामले में एएसआई और कांस्टेबल पर गिरी गाज
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कोटकपूरा गोलीकांड की एसआईटी रिपोर्ट को रद्द करते हुए पंजाब सरकार को नई एसआईटी का गठन करने और नई एसआईटी से कुंवर विजय प्रताप सिंह को अलग रखने के आदेश दिए थे। इस फैसले ने सीधे तौर पर कुंवर विजय प्रताप सिंह के कामकाज पर सवाल उठा दिए थे और पंजाब में विपक्षी दलों को कैप्टन सरकार पर निशाना साधने का मौका भी मिल गया था। हालांकि मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का एलान भी किया लेकिन मंगलवार को कुंवर विजय प्रताप ने मुख्यमंत्री को इस्तीफा सौंपते हुए समय पूर्व सेवानिवृत्ति का आग्रह किया था।
अपने त्यागपत्र में उन्होंने 22 साल के करिअर का उल्लेख किया और लिखा कि उन्होंने इस दौरान बहुत कुछ सीखा और वे आगे भी समाजसेवा से जुड़े रहेंगे। कुंवर विजय प्रताप ने 15 अप्रैल से सेवामुक्त करने का आग्रह किया था, जिसे मुख्यमंत्री ने नामंजूर करते हुए साफ कर दिया था कि उनके जैसे अफसरों की सेवाओं की पंजाब सरकार को जरूरत है। फिलहाल कुंवर विजय प्रताप के रुख से यह साफ नहीं है कि वे 15 अप्रैल के बाद क्या फैसला लेंगे।
यह भी पढ़ें- पंजाब सरकार की बड़ी घोषणा : पांचवीं-आठवीं और 10वीं के सभी विद्यार्थी बिना परीक्षा अगली कक्षा में होंगे प्रमोट