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Haryana: जांच में बड़ा खुलासा- 43 दिन में ही IAS दहिया ने 38 सोसायटियों को अलॉट कर दिए 93.80 करोड़ के कार्य

Fri, 19 May 2023 01:04 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 19 May 2023 01:04 AM IST
सार

जांच में ये भी सामने आया है कि कुल 38 सोसायटियों में से 13 सोसायटी तीन व्यक्तियों की हैं। तीन व्यक्तियों ने अलग-अलग नाम से सोसायटी बना रखी हैं और मिलीभगत करके करोड़ों रुपये के कार्य ले लिए। इसके अलावा, तीन सोसायटी एक ही व्यक्ति, दो सोसायटी एक व्यक्ति की हैं।

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IAS Vijay Dahiya allotted works worth more than 93 crores to 38 societies
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Istock

विस्तार

हरियाणा कौशल विकास मिशन में फैले भ्रष्टाचार और रिश्वत के खेल के बीच एक और बड़ा खुलासा हुआ है। एंटी करप्शन ब्यूरो और मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की जांच में सामने आया है कि आईएएस विजय दहिया ने मात्र 43 दिनों में ही 38 सोसायटियों को 93.80 करोड़ रुपये के कार्य अलॉट कर दिए। खास बात ये है कि चार ऐसी कंपनियां हैं, जिनको दो बार करोड़ों रुपये के कार्य अलॉट किए गए हैं।

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अब एंटी करप्शन ब्यूरो ने इन सोसायटियों के दस्तावेज भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। एसीबी इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या जिन सोसायटियों को जितने करोड़ रुपये का काम मिला है, वह इसके लिए पात्र थी या नहीं? एसीबी और मुख्यमंत्री उड़नदस्ता अब इनके प्रशिक्षण केंद्रों की फिजिकल वेरिफेशन भी करा रहा है ताकि हकीकत सामने आ सके।
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29 नवंबर को 25.74 करोड़ और 11 जनवरी को जारी किए 68 करोड़
हरियाणा कौशल विकास मिशन की एनयूएलएम (नेशनल अर्बन लीवलीहुड मिशन) स्कीम के तहत 11 सोसायटियों को 25.74 करोड़ रुपये के कार्य अलॉट किए गए। इसके बाद 11 जनवरी को सूर्या स्कीम के तहत 27 सोसायटियों को 68 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य बांटे गए। इसमें खास बात ये है कि चार ऐसी सोसायटियां हैं, जिनको दोनों ही स्कीमों में भारी भरकम राशि के कार्य आवंटित किए गए। 

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देवीलाल मेमोरियल ट्रस्ट सिरसा को मात्र 30 लाख रुपये तक प्रशिक्षण का काम दिया गया, जबकि निजी सोसायटियों को करोड़ों रुपये के कार्य दिए गए। एसीबी अब यह जांच कर रही है कि आखिरकार किस आधार पर ये कार्य बांटे गए। एसीबी को आशंका है कि कार्यों का आवंटन मोटी रकम के दम पर तय हुआ।

तीन व्यक्तियों की 13 कंपनियां
जांच में ये भी सामने आया है कि कुल 38 सोसायटियों में से 13 सोसायटी तीन व्यक्तियों की हैं। तीन व्यक्तियों ने अलग-अलग नाम से सोसायटी बना रखी हैं और मिलीभगत करके करोड़ों रुपये के कार्य ले लिए। इसके अलावा, तीन सोसायटी एक ही व्यक्ति, दो सोसायटी एक व्यक्ति की हैं। अब एसीबी और मुख्यमंत्री उड़नदस्तों की टीम ने इनके मालिकों को लेकर दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।

       इन चार सोसायटियों को दोनों स्कीमों में मिले करोड़ों

सोसायटी 29 नंवबर को जारी राशि 11 जनवरी को जारी राशि
शिव एजुकेशन सोसायटी 46482800 50131200
लाला कुंदन लाल मेमोरिएल सोसायटी 15493800 50488200
एडूज्वाइन ट्रेनिंग फाउंडेशन 60889920 54595800
सीपीआईटी एजूटेक प्राइवेट लिमिटेड 44486400 38552220

बढ़ती जा रही दहिया की मुश्किलें
आईएएस विजय दहिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। एक तो मिशन में 10 प्रतिशत रिश्वत का खुलासा हो चुका है और मुख्यमंत्री उड़न दस्तों की छापेमारी में प्रशिक्षण केंद्रों में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। केवल खानापूर्ति के लिए प्रशिक्षण दिखाया जाता था और सेटिंग के तहत बिल पास कराए जाते थे। अब कंपनियों को धड़ाधड़ अलॉट किए 93 करोड़ रुपये के कार्यों का खुलासा होने से भी उनकी परेशानी बढ़ना तय है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच की जा रही है।

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