{"_id":"56e389b64f1c1b872e8b4569","slug":"ias-ashok-khmeka-haryana-ias-officer-khemka-haryana-vigilence-bureau-haryana-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IAS खेमका को बड़ी राहत, बीज खरीद मामले में मिली क्लीन चिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
IAS खेमका को बड़ी राहत, बीज खरीद मामले में मिली क्लीन चिट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 12 Mar 2016 11:32 PM IST
विज्ञापन
अशोक खेमका
- फोटो : अशोक खेमका
हरियाणा के सीनियर आईएएस अधिकारी अशोक खेमका को बड़ी राहत मिली। विजिलेंस ब्यूरो ने बीज खरीद मामले में उन्हें क्लीन चिट दे दी। खेमका पर 10 हजार क्विंटल मूंग के बीज में खरीद में गड़बड़ी का आरोप था। विजिलेंस ब्यूरो ने ढाई साल की जांच के बाद खेमका को क्लीनचिट दी है।
सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने शुक्त्रस्वार को खेमका को एक चिट्ठी भेजकर उन्हें इसकी जानकारी दी। मालूम हो कि हुड्डा सरकार ने 2013 में विजिलेंस ब्यूरो को इस मामले की जांच सौंपी थी। खेमका की चार्जशीट भाजपा सरकार पहले ही वापस ले चुकी है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने शुक्त्रस्वार को खेमका को एक चिट्ठी भेजकर उन्हें इसकी जानकारी दी। मालूम हो कि हुड्डा सरकार ने 2013 में विजिलेंस ब्यूरो को इस मामले की जांच सौंपी थी। खेमका की चार्जशीट भाजपा सरकार पहले ही वापस ले चुकी है।
विज्ञापन
पानीपत निवासी जगबीर सिंह ने की थी शिकायत
अशोक खेमका
- फोटो : अशोक खेमका
पानीपत के रहने वाले जगबीर सिंह ने शिकायत दी थी कि मूंग के बीज के सप्लाई ऑर्डर देते समय नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। शिकायतकर्ता ने तो खेमका पर रिश्वतखोरी के आरोप भी लगाए थे। खेमका ने सरकार को बताया था कि उन्होंने किस तरह सरकार के 30 लाख रुपये बचाए थे।
उन्होंने मूंग का बीज 8400 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 8100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा था। सूत्रों का यह भी कहना है कि यह बीज 50 हजार किसानों में बांटा गया लेकिन, कहीं से कोई शिकायत नहीं आई। वाड्रा-डीएलएफ डील की म्यूटेशन रद्द करके चर्चा में आए अशोक खेमका के लिए यह राहत की बात है।
उन्होंने मूंग का बीज 8400 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 8100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा था। सूत्रों का यह भी कहना है कि यह बीज 50 हजार किसानों में बांटा गया लेकिन, कहीं से कोई शिकायत नहीं आई। वाड्रा-डीएलएफ डील की म्यूटेशन रद्द करके चर्चा में आए अशोक खेमका के लिए यह राहत की बात है।