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कोरोना काल में छात्रों को किस तरह कराएं जाएंगे प्रेक्टिकल, पीयू बना रही योजना
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चंडीगढ़। कोरोना लंबा चला तो विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इसका मुख्य कारण यह है कि ऑनलाइन पढ़ाई तो हो जाएगी पर विद्यार्थी प्रयोग नहीं कर पाएंगे। इसी का रास्ता निकालने में पीयू जुटी हुई है। अक्तूबर में सभी तैयारियां प्रेक्टिकल की पूरी हो जाएंगी।
थ्योरी के साथ-साथ विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल भी कराना जरूरी है। कोरोना के कारण थ्योरी तो विद्यार्थियों को शिक्षक ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं, लेकिन प्रेक्टिकल का कार्य पिछले छह माह से प्रभावित चल रहा है। विद्यार्थी लैब आदि तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। साइंस के विद्यार्थियों के लिए प्रेक्टिकल सर्वाधिक महत्व रखते हैं। उन्हीं के जरिए वे चीजें सीखते हैं और पासआउट होने के बाद वह नौकरी में काम आते हैं। जानकारों का कहना है कि विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल नहीं करवाए गए और केवल थ्योरी करवाई गई तो विद्यार्थियों की महज 40 फीसदी ही पढ़ाई पूरी हो पाएगी, क्योंकि 60 फीसदी पढ़ाई का हिस्सा प्रैक्टिकल हैं। सूत्रों का कहना है कि इसी को ध्यान में रखकर योजना बनाई जा रही है। हो सकता है कि विद्यार्थियों को रोस्टर के मुताबिक लैब में बुलाया जाए या फिर शिक्षक ऑनलाइन ही प्रयोग कर विद्यार्थियों को दिखाएं। इस पर कार्य अगले माह तक पूरा हो जाएगा। प्रयोगों के लिए पूरी तरह नई गाइड लाइन जारी होंगी।
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थ्योरी के साथ-साथ विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल भी कराना जरूरी है। कोरोना के कारण थ्योरी तो विद्यार्थियों को शिक्षक ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं, लेकिन प्रेक्टिकल का कार्य पिछले छह माह से प्रभावित चल रहा है। विद्यार्थी लैब आदि तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। साइंस के विद्यार्थियों के लिए प्रेक्टिकल सर्वाधिक महत्व रखते हैं। उन्हीं के जरिए वे चीजें सीखते हैं और पासआउट होने के बाद वह नौकरी में काम आते हैं। जानकारों का कहना है कि विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल नहीं करवाए गए और केवल थ्योरी करवाई गई तो विद्यार्थियों की महज 40 फीसदी ही पढ़ाई पूरी हो पाएगी, क्योंकि 60 फीसदी पढ़ाई का हिस्सा प्रैक्टिकल हैं। सूत्रों का कहना है कि इसी को ध्यान में रखकर योजना बनाई जा रही है। हो सकता है कि विद्यार्थियों को रोस्टर के मुताबिक लैब में बुलाया जाए या फिर शिक्षक ऑनलाइन ही प्रयोग कर विद्यार्थियों को दिखाएं। इस पर कार्य अगले माह तक पूरा हो जाएगा। प्रयोगों के लिए पूरी तरह नई गाइड लाइन जारी होंगी।
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