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सीटीयू की बसों में किस रूट पर कितनी सवारी, गुजरात की ‘सेप्ट’ कर रही सर्वे
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चंडीगढ़। लोकल रूट पर लगातार बढ़ते घाटे को देखते हुए यूटी का ट्रांसपोर्ट विभाग रूट और सवारियों के स्वभाव का सर्वे करा रहा है। गुजरात के अहमदाबाद की सेंटर फॉर एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (सेप्ट) यूनिवर्सिटी सीटीयू की बसों में राइडरशिप का सर्वे कर रही है। वह पता कर रही है कि कौन-सा रूट सीटीयू की बसों के लिए फायदेमंद है और कौन-से रूटों पर बसें घटाने या बढ़ाने की जरूरत है।
सेप्ट की तरफ से आंकड़े मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट विभाग अपने स्तर पर विश्लेषण शुरू करेगा और उसके आधार पर विभिन्न रूटों पर बसों की संख्या घटाई व बढ़ाई भी जाएगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि जिन रूटों पर सीटीयू की बसों में भीड़ रहती है, वह किसी समय विशेष में रहती है या सारा दिन रूट व्यस्त रहता है। इसके हिसाब से ही सीटीयू की बसों का आगे संचालन किया जाएगा। इसके अलावा सीटीयू जल्द ही इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ईटीएस-ओला-ऊबर की तरह का एक एप)भी लगाने जा रहा है। इसके बाद सीटीयू को लोकल रूट पर लाभ की उम्मीद है। सीटीयू के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि सेप्ट की रिपोर्ट के बाद सीटीयू अगली रणनीति बनाएगा।
100 बसों में लगेगा ईटीएस, 24 बसों की एक समय पर होगी लाइव ट्रैकिंग
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ईटीएस) के पहले चरण का काम 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके तहत करीब 100 बसें सभी सुविधाओं से लेस हो जाएंगी। सीटीयू की बसों में जीपीआरएस सिस्टम की तैनाती के बाद इन्हें ट्रैक करना भी आसान हो जाएगा। दफ्तर में बैठे-बैठे ही अधिकारी एक समय पर 24 बसों पर नजर रख सकेंगे और इसमें हो रही गतिविधियों को भी देखा जा सकेगा। पैनिक बटन भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लगवाए जा रहे हैं, जिसे दबाकर आपातकाल में महिलाएं या लड़कियां पुलिस को आगाह कर सकती हैं।
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सेप्ट की तरफ से आंकड़े मिलने के बाद ट्रांसपोर्ट विभाग अपने स्तर पर विश्लेषण शुरू करेगा और उसके आधार पर विभिन्न रूटों पर बसों की संख्या घटाई व बढ़ाई भी जाएगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि जिन रूटों पर सीटीयू की बसों में भीड़ रहती है, वह किसी समय विशेष में रहती है या सारा दिन रूट व्यस्त रहता है। इसके हिसाब से ही सीटीयू की बसों का आगे संचालन किया जाएगा। इसके अलावा सीटीयू जल्द ही इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ईटीएस-ओला-ऊबर की तरह का एक एप)भी लगाने जा रहा है। इसके बाद सीटीयू को लोकल रूट पर लाभ की उम्मीद है। सीटीयू के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि सेप्ट की रिपोर्ट के बाद सीटीयू अगली रणनीति बनाएगा।
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100 बसों में लगेगा ईटीएस, 24 बसों की एक समय पर होगी लाइव ट्रैकिंग
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ईटीएस) के पहले चरण का काम 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। इसके तहत करीब 100 बसें सभी सुविधाओं से लेस हो जाएंगी। सीटीयू की बसों में जीपीआरएस सिस्टम की तैनाती के बाद इन्हें ट्रैक करना भी आसान हो जाएगा। दफ्तर में बैठे-बैठे ही अधिकारी एक समय पर 24 बसों पर नजर रख सकेंगे और इसमें हो रही गतिविधियों को भी देखा जा सकेगा। पैनिक बटन भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लगवाए जा रहे हैं, जिसे दबाकर आपातकाल में महिलाएं या लड़कियां पुलिस को आगाह कर सकती हैं।
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