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Chandigarh News: हाउसिंग बोर्ड निराश, 88 लीज व्यावसायिक होल्ड संपत्तियों में से एक के लिए भी नहीं मिला खरीदार
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चंडीगढ़। संपत्तियों की नीलामी में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) को अब खरीदार नहीं मिल रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड ने बुधवार को आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों को बेचने के लिए किए गए टेंडर की बिड खोली। इसमें 88 लीज व्यावसायिक होल्ड संपत्तियों में से एक भी संपत्ति को खरीदने के लिए किसी ने बोली नहीं लगाई। सिर्फ दो आवासीय संपत्तियां बिकी हैं।सीएचबी ने फ्री होल्ड आवासीय और लीज होल्ड व्यावसायिक की कुल 123 संपत्तियों को बेचने के लिए ई-टेंडर किया था, लेकिन इस बार भी लोगों ने सीएचबी की संपत्तियों को लेने में अधिक रुचि नहीं दिखाई है। बोर्ड सिर्फ दो आवासीय संपत्तियों को ही बेच पाया है। इन संपत्तियों का कुल आरक्षित मूल्य 1.23 करोड़ रुपये था, जिनको बेचने से सीएचबी को 1.26 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसमें सेक्टर-51 का टू बैडरूम फ्लैट 98.50 लाख रुपये में बिका है। इसका आरक्षित मूल्य 95.34 लाख रुपये था। वहीं, सेक्टर-26-ई ईडब्ल्यूएस फ्लैट 28.35 लाख रुपये में बिका है। इसका आरक्षित मूल्य 28.25 लाख रुपये था। इन संपत्तियों के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को 7 जून तक 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। अगर बोलीदाता द्वारा तय समय के अंदर इसका भुगतान नहीं किया जाता है तो बोर्ड की तरफ से ईएमडी (बयाना राशि) जब्त कर ली जाएगी और बोलीदाता को सीएचबी की किसी भी संपत्ति के लिए बोली लगाने से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। पहले बोर्ड ई-नीलामी के जरिए आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी करता था, लेकिन पिछले दो साल से बेहतर प्रस्तावों और गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए टेंडरिंग का सहारा ले रहा है। बाकी बची संपत्तियों को अगली ई-टेंडरिंग में रखा जाएगा।
लीज होल्ड संपत्तियों में लोग नहीं दिखा रहे रुचि
लीज होल्ड व्यावसायिक संपत्तियों को बोलीदाता नहीं मिल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि शहर में कलेक्टर रेट्स काफी अधिक है और ये भी लीज होल्ड संपत्तियों के न बिकने का प्रमुख कारण है। बोर्ड लगातार खाली पड़ी संपत्तियों की ई-टेंडरिंग करने में लगा हुआ है। 18 वर्ष से ऊपर देश के किसी भी राज्य में रहने वाला व्यक्ति इस ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया में भाग ले सकता है। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए एनआरआई भी बोली लगा सकते हैं। बोर्ड ने कहा है कि जो भी आरक्षित मूल्य तय किया गया है, उसके अनुसार सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले व्यक्ति को ही मकान बेचा जा रहा है।
ये संपत्तियां बिकीं
आवासीय संपत्ति (फ्री होल्ड)
सेक्टर बोली
सेक्टर-51 टू बैडरूम 98.50 लाख
सेक्टर-26-ई ईडब्ल्यूएस 28.35 लाख
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लीज होल्ड संपत्तियों में लोग नहीं दिखा रहे रुचि
लीज होल्ड व्यावसायिक संपत्तियों को बोलीदाता नहीं मिल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि शहर में कलेक्टर रेट्स काफी अधिक है और ये भी लीज होल्ड संपत्तियों के न बिकने का प्रमुख कारण है। बोर्ड लगातार खाली पड़ी संपत्तियों की ई-टेंडरिंग करने में लगा हुआ है। 18 वर्ष से ऊपर देश के किसी भी राज्य में रहने वाला व्यक्ति इस ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया में भाग ले सकता है। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए एनआरआई भी बोली लगा सकते हैं। बोर्ड ने कहा है कि जो भी आरक्षित मूल्य तय किया गया है, उसके अनुसार सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले व्यक्ति को ही मकान बेचा जा रहा है।
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ये संपत्तियां बिकीं
आवासीय संपत्ति (फ्री होल्ड)
सेक्टर बोली
सेक्टर-51 टू बैडरूम 98.50 लाख
सेक्टर-26-ई ईडब्ल्यूएस 28.35 लाख