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बैठक में सदन की गरिमा तार तार, पूर्व मेयर को थप्पड़ मारने का प्रयास
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 30 May 2016 07:15 PM IST
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चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम में सोमवार को पार्षदों ने सदन की गरिमा को जमकर तार तार किया। सदन में थप्पड़ मारने का प्रयास, पिछली बैठक के मिनिटस की प्रतियां फाड़ कर मेयर पर फेंकी गई, कारगुजारी पर बाधा डालने के लिए मेयर के टेंबल पर जोर जोर कर थपथपाया गया, सूद को झूठा मेयर कहा गया, मेयर और अधिकारियों के सरकारी कागज और फाइल भी छीनने का प्रयास, मेयर द्वारा कांग्रेस पार्षदों पर एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी गई।
हंगामा एक बार इतना बढ़ गया कि मेयर अरुण सूद को एक बार बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। स्थगित करने से पहले कांग्रेस ने पानी की किल्लत और भाजपा पार्षद कैंथ पर दर्ज हुए मामले पर जमकर हंगामा किया। सदन की बैठक में कांग्रेस और मनोनीत पार्षदों की लड़ाई खुलकर सामने आ गई। मनोनीत पार्षद प्रोफेसर अरुणा गोयल ने पूर्व मेयर सुभाष चावला पर थप्पड़ मारने के लिए हाथ उठाया लेकिन बीच बचाव में अन्य कांग्रेस और भाजपा के पार्षद आ गए।
हाथ उठाने से पहले मनोनीत पार्षद अरुणा गोयल खुद चावला के पास गई और उसे थप्पड़ मारने की चेतावनी दी। मनोनीत पार्षद अरुण गोयल को तब गुस्सा आया जब पूर्व मेयर सुभाष चावला ने मनोनीत पार्षद अरुणा गोयल को उस समय यह कह दिया कि आप कौन है जब वह अपनी सीट से बोलने के लिए उठी। चावला ने यह भी कहा कि हम मनोनीत पार्षद(आपकी) तरह प्रशासन द्वारा नियुक्त होकर नहीं आए हैं जबकि उनके पास 40 साल का राजनीतिक केरियर है इन शब्दों को मेयर अरुण सूद ने तूल देते हुए निंदा प्रस्ताव पास करने का प्रपोजल रखा और मनोनीत पार्षद भड़क गए।
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हंगामा एक बार इतना बढ़ गया कि मेयर अरुण सूद को एक बार बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। स्थगित करने से पहले कांग्रेस ने पानी की किल्लत और भाजपा पार्षद कैंथ पर दर्ज हुए मामले पर जमकर हंगामा किया। सदन की बैठक में कांग्रेस और मनोनीत पार्षदों की लड़ाई खुलकर सामने आ गई। मनोनीत पार्षद प्रोफेसर अरुणा गोयल ने पूर्व मेयर सुभाष चावला पर थप्पड़ मारने के लिए हाथ उठाया लेकिन बीच बचाव में अन्य कांग्रेस और भाजपा के पार्षद आ गए।
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हाथ उठाने से पहले मनोनीत पार्षद अरुणा गोयल खुद चावला के पास गई और उसे थप्पड़ मारने की चेतावनी दी। मनोनीत पार्षद अरुण गोयल को तब गुस्सा आया जब पूर्व मेयर सुभाष चावला ने मनोनीत पार्षद अरुणा गोयल को उस समय यह कह दिया कि आप कौन है जब वह अपनी सीट से बोलने के लिए उठी। चावला ने यह भी कहा कि हम मनोनीत पार्षद(आपकी) तरह प्रशासन द्वारा नियुक्त होकर नहीं आए हैं जबकि उनके पास 40 साल का राजनीतिक केरियर है इन शब्दों को मेयर अरुण सूद ने तूल देते हुए निंदा प्रस्ताव पास करने का प्रपोजल रखा और मनोनीत पार्षद भड़क गए।
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