प्रेम-प्रसंग में युवक की हत्या के बाद धरने पर बैठे परिजन, युवती का शव अभी मोर्चरी में ही रखा
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अमृतसर के मजीठा में ऑनर किलिंग के 24 घंटे बाद भी आरोपी दिलबाग सिंह और उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में मृतक पवन सिंह के परिजनों ने गुरुवार को नए बस स्टैंड के सामने रोष प्रदर्शन कर धरना दिया। पवन सिंह के शव को बस स्टैंड के बीचों-बीच रख कर परिजनों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और बसों की आवाजाही रोक दी।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे डीएसपी हरप्रीत सिंह ने पवन के परिजनों को विश्वास दिलाया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद परिजनों ने धरना उठाया और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच पवन सिंह का अंतिम संस्कार मजीठा स्थित श्मशान घाट में कर दिया गया। वहीं खबर लिखे जाने तक पिता द्वारा कत्ल की गई किशोरी का शव पोस्टमार्टम हाउस में ही रखा हुआ था। किशोरी के परिजन वही मौजूद थे।
मजीठा के वार्ड नंबर 13 के पूर्व पार्षद शिंगारा सिंह के पोते का प्रेम प्रसंग पड़ोस में रहने वाली किशोरी के साथ चल रहा था। किशोरी का पिता दिलबाग सिंह इसका कई बार विरोध कर चुका था। बुधवार को पवन अपनी बहन के शादी से पहले रखे गए अखंड पाठ के भोग के बाद घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान दिलबाग ने उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद दिलबाग सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपनी बेटी को भी मार डाला था। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने पवन के भाई राहुल के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। राहुल ने पुलिस को बताया कि दिलबाग के साथ काशू, हरपाल सिंह, ओंकार, लाडी, बलकार सिंह, सोनी और एक अज्ञात व्यक्ति भी था।
सभी आरोपियों ने उसके भाई का कत्ल किया है। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन कर छापेमारी शुरू कर दी है। दोनों पड़ोसियों के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात है।