{"_id":"f027b6ed2c94faa566812f0eb6228983","slug":"hola-mohalla-in-anandpur-sahib-punjab-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाबः श्री आनंदपुर साहिब में होला-मोहल्ला शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाबः श्री आनंदपुर साहिब में होला-मोहल्ला शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, श्री आनंदपुर साहिब (रोपड़)
Updated Mon, 02 Mar 2015 01:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिख कौम के राष्ट्रीय त्योहार होला मोहल्ला की रस्मी शुरुआत किला आनंदगढ़ साहिब में गुलाब के फूल बरसाकर और पंथ की गण्यमान्य शख्सियतों की तरफ से पांच पुरातन नगाड़े बजाकर की गई। शनिवार आधी रात तक चले धार्मिक समागमों के बाद रविवार को साढ़े 12 बजे होला मोहल्ला की शुरुआत का ऐलान कर दिया गया।
विज्ञापन
इस दौरान ने परे चढ़ाने की अरदास भी की गई। पुरातन परंपरा के अनुसार हर साल यहां एक विशाल नगर कीर्तन हिमाचल प्रदेश से पहुंचता है। इसी के अनुसार शनिवार देर रात किला आनंदगढ़ साहिब में समागमों का आयोजन किया गया था।
विज्ञापन
कार सेवा बाबा जरनैल सिंह ने बताया कि गुरु साहिबान के समय से चली आ रही मर्यादा के अनुसार ही पांच पुरातन नगाड़े बजाकर होले मोहल्ले की शुरुआत की जाती है। हिमाचल प्रदेश से शिरोमणि कमेटी सदस्य डॉ. दलजीत सिंह भिंडर ने कहा कि वह हर साल संगत को साथ लेकर श्री गुरु ग्रंथ साहब जी की छत्रछाया में एक विशाल नगर कीर्तन के रूप में यहां पहुंचते हैं।
विज्ञापन
तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल्ल सिंह ने बताया कि जिस तरह गुरु साहिब के समय में रण जीत नगाड़ा बजाकर 22 धार के राजाओं को भागने पर मजबूर कर दिया जाता था उसी तरह पांच पुरातन नगाड़े बजा कर किला आनंदगढ़ साहिब से होला मोहल्ला की शुरुआत की जाती है।
बरसात के बावजूद गुरु घरों में उमड़ी संगत
श्री कीरतपुर साहिब (रोपड़)। बरसात के बावजूद होला-मोहल्ला के पहले दिन बड़ी संख्या में संगत गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब, गुरुद्वारा बाबा गुरदित्ता जी, गुरुद्वारा तीर साहिब, गुरुद्वारा बाबा श्रीचंद जी, गुरुद्वारा चरन कमल साहिब, गुरुद्वारा शीश महल साहिब, कोट साहिब और दरगाह साईं बाबा बुढ्ढण शाह जी में नतमस्तक हुई।