फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   hisar dalit people warning to convert in buddhism from hinduism

हिसार: दलितों ने दी हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने की चेतावनी, जानिए आखिर क्यों

Wed, 06 Jun 2018 03:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Wed, 06 Jun 2018 03:24 PM IST
विज्ञापन
hisar dalit people warning to convert in buddhism from hinduism
दलित सम्मेलन में उमड़ा हुजूम - फोटो : अमर उजाला
एक साल से सामाजिक बहिष्कार झेल रहे दलितों ने चेतावनी दी है कि यदि अगस्त तक उनका सामाजिक बहिष्कार खत्म नहीं किया गया तो वह हिंदू धर्म छोड़ देंगे। हिसार के भाटला गांव के दलित समाज के लोग मंगलवार को डीसी को ज्ञापन देने लघु सचिवालय पहुंचे थे। डीसी के नहीं मिलने पर उन्होंने सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। दलितों का कहना है कि अगर तय समय में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो स्वाभिमान से जीने के लिए भाटला गांव के करीब 300 परिवार अगस्त में बौद्ध धर्म ग्रहण करेंगे।
विज्ञापन


यही नहीं, अन्य गांवों में भी अगड़ी जाति के लोगों के अत्याचारों से पीड़ित दलितों से संपर्क करके उन्हें भी बौद्ध धर्म ग्रहण कराया जाएगा। बलवान सिंह ने बताया कि पिछले साल 15 जून को भाटला गांव में दलित समुदाय के बच्चों के साथ अगड़ी जाति के युवकों ने सार्वजनिक हैंडपंप पर पानी भरने पर जातिसूचक गालियां देकर मारपीट की थी। इसके बाद दलितों की शिकायत पर थाना सदर हांसी में आठ युवकों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद गांव के लोगों ने दलितों पर समझौते के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन


दलितों के समझौते से इनकार करने पर अगड़ी जाति के लोगों ने दलित बस्ती में चौकीदार से मुनादी कराकर दलितों के सामाजिक बहिष्कार का एलान कर दिया। इस संबंध में दलितों ने एक शिकायत एसपी हांसी को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की दखल के बाद पुलिस हरकत में आई। दलितों ने आरोप लगाया कि मुकदमे की जांच हांसी पुलिस की ओर से मनमाने तरीके से की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाधित की जा रहीं बिजली-पानी की सेवाएं
जय भगवान ने बताया कि सामाजिक बहिष्कार के चलते दलितों के सामने गंभीर स्थिति बन गई है। दलितों को रोजमर्रा का सामान लाने के लिए बरवाला या हांसी जाना पड़ता है। दलितों की बिजली-पानी की सेवाएं बाधित की जा रही हैं। बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है। सड़कों और खेतों के किनारे की घास और पशुचारे पर कीटनाशक छिड़क दिया जाता है, जिससे दलित समाज के लोग अपने पशुओं के लिए चारे का प्रबंध न कर सकें। सामाजिक बहिष्कार के चलते दलित समाज के लोगों में रोजगार का संकट पैदा हो गया है।

आरोप: दर्ज किये झूठे मुकदमे
राजकुमार उर्फ राजा ने बताया कि मामले में पुलिस अगड़ी जाति के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दबाव बना रही है। दलितों पर राजद्रोह सहित अन्य धाराओं में झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। दलितों के वकील रजत कल्सन के खिलाफ पुलिस ने आधा दर्जन मुकदमे दर्ज किए हैं। दलितों का आरोप है कि दोनों समुदायों में समझौता कराने के लिए भाईचारा कमेटी बनाई गई है, लेकिन समिति दलितों पर ही समझौते के लिए दबाव बना रही है। शिकायतें देने के बावजूद पुलिस ने भाईचारा कमेटी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।


पैसा खाने के लिए रच रहे षड्यंत्र : सरपंच
गांव के सरपंच प्रवीण ने कहा कि वकील रजत कंसल और अजय गांव का माहौल खराब कर रहे हैं। इन्होंने गांव के भाईचारे को खराब कर दिया है। यह लोग सरकार से पैसा खाने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं। यह दोनों गांव में जातिवाद को बढ़ा रहे हैं। गांव में दलित समाज के लोग अब भी हमारे साथ खेत में काम कर रहे हैं। सामाजिक बहिष्कार जैसी कोई बात नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed