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हाईकोर्ट से गेस्ट टीचरों को बड़ी राहत, वापसी की उम्मीद बंधी

Wed, 18 Nov 2015 10:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 18 Nov 2015 10:59 AM IST
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highcourt give big relief in surplus guest teachers at haryana

हाईकोर्ट के आदेश पर हरियाणा में नौकरी से बाहर हुए करीब साढ़े तीन हजार सरप्लस गेस्ट टीचरों को एक बार फिर वापसी की उम्मीद बंधी है। नियमित भर्ती तक इन्हें शिक्षण कार्य सौंपा जा सकता है, लेकिन यह वापसी संपूर्ण तौर पर अंतरिम प्रबंध के आधार पर होगी।

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हाईकोर्ट के जस्टिस एसके मित्तल की डिवीजन बेंच ने हरियाणा सरकार से अंडरटेकिंग मांगी है। कहा है कि छात्रों की पढ़ाई के मद्देनजर 31 मार्च तक इन सरप्लस गेस्ट टीचरों को शिक्षण कार्यों के लिए रखने की शर्तें निर्धारित करें। सरकार से 20 नवंबर तक शर्तें मांगी गई हैं।
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बेंच ने कहा है कि सरकार गेस्ट टीचरों से कंसॉलिडेटिड मासिक भत्ते पर रखे। करार करे कि वह किसी प्रकार के अन्य लाभ के हकदार नहीं होंगे। 31 मार्च 2016 के बाद शिक्षण कार्य का यह करारनामा स्वयं समाप्त समझा जाएगा।
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मामले में सरकार से यह अंडरटेकिंग भी देने को कहा गया है कि 31 मार्च तक शिक्षकों की चालू भर्ती प्रक्रिया मुकम्मल की जाएगी। बेंच ने कहा है कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से सरप्लस गेस्ट टीचर्स को शिक्षण कार्य के लिए मुकम्मल तौर पर सशर्त लिया जा सकता है।

अन्य तजुर्बेकारों को भी सशर्त शिक्षण की छूट होगी
इस मामले में यदि कोई सरप्लस गेस्ट टीचर सशर्त काम नहीं करना चाहता तो अन्य अनुभवी लोगों को भी शिक्षण कार्य सशर्त सौंपने की छूट हाईकोर्ट ने देने की बात कही है।

उल्लेखनीय है कि सुनवाई के दौरान एक प्रतिवादी के वकील जगबीर मलिक ने बेंच का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था कि प्रत्येक जिले में सेवानिवृत्त शिक्षकों का पैनल सरकार के पास मौजूद है। एडवोकेट मलिक वकील ने यह भी कहा कि गेस्ट टीचरों को नौकरी में नहीं रखा जा सकता। उधर, सरकार नियमित भर्ती लटका रही है।

कई मामलों में नियमित भर्ती होने तक गेस्ट टीचरों को नौकरी में रखे रहने की छूट लेती आ रही है। ऐसे में इस बात पर संशय है कि जिन सरप्लस गेस्ट टीचरों को शिक्षण कार्य सौंपा जा रहा है, उन्हें कहीं सरकार नियमित न कर ले। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों का विकल्प सरकार के पास खुला है।


बेंच ने हालांकि यह दलील नहीं मानी है, फिर भी सरप्लस गेस्ट टीचरों की ओर से सशर्त काम न करने की सूरत में अन्य को काम सौंपने पर भी विचार करने की छूट सरकार को दी है।

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