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कंडक्टरों की प्रमोशन पर हाईकोर्ट का आदेश, 3 महीने सूची फाइनल करने को कहा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 02 Apr 2017 01:00 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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हरियाणा रोडवेज के कंडक्टरों की प्रमोशन मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन माह के भीतर फाइनल वरिष्ठता सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रमोशन इस फाइनल मेरिट लिस्ट पर निर्भर होंगे। याचिका में कहा गया था कि हरियाणा रोडवेज के कंडक्टरों की प्रमोशन के लिए जो वरिष्ठता सूची तैयार की गई है, उसमें तमाम खामियां हैं।
इनके चलते वरिष्ठता सूची और इसके आधार पर की गई प्रमोशनों दोनों को ही खारिज किया जाना चाहिए। जवाब में हरियाणा सरकार ने बताया था कि यह वरिष्ठता सूची टेंटेटिव है। हाईकोर्ट ने सूची के टेंटेटिव (अस्थायी) होने के चलते इसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हालांकि यह स्पष्ट कर दिया कि याची इस सूची पर अपनी आपत्तियां दें। आपत्तियाें के आधार पर तीन माह के भीतर लिस्ट को फाइनल किया जाए। इस दौरान याची को यह छूट होगी कि यदि फाइनल लिस्ट में उसे कोई आपत्ति होती है तो वह फिर से हाईकोर्ट में दस्तक दे सकता है।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि 31 दिसंबर 2015 तक की प्रमोशन जो टेंटेटिव लिस्ट के आधार पर हुई हैं, वह अब फाइनल लिस्ट पर निर्भर करेंगी। यदि फाइनल लिस्ट टेंटेटिव लिस्ट से अलग होती है, तो ऐसे में प्रमोशन पर तलवार लटकना तय है।
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इनके चलते वरिष्ठता सूची और इसके आधार पर की गई प्रमोशनों दोनों को ही खारिज किया जाना चाहिए। जवाब में हरियाणा सरकार ने बताया था कि यह वरिष्ठता सूची टेंटेटिव है। हाईकोर्ट ने सूची के टेंटेटिव (अस्थायी) होने के चलते इसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हालांकि यह स्पष्ट कर दिया कि याची इस सूची पर अपनी आपत्तियां दें। आपत्तियाें के आधार पर तीन माह के भीतर लिस्ट को फाइनल किया जाए। इस दौरान याची को यह छूट होगी कि यदि फाइनल लिस्ट में उसे कोई आपत्ति होती है तो वह फिर से हाईकोर्ट में दस्तक दे सकता है।
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इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि 31 दिसंबर 2015 तक की प्रमोशन जो टेंटेटिव लिस्ट के आधार पर हुई हैं, वह अब फाइनल लिस्ट पर निर्भर करेंगी। यदि फाइनल लिस्ट टेंटेटिव लिस्ट से अलग होती है, तो ऐसे में प्रमोशन पर तलवार लटकना तय है।
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