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Highcourt: भूमि आवंटन से कदम खींचने पर यूटी प्रशासन को फटकार, HC ने कहा-बेहद सख्त आदेशों के लिए रहें तैयार

Thu, 29 Feb 2024 11:05 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 29 Feb 2024 11:05 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन से सारंगपुर में भूमि अलॉटमेंट पर जवाब मांगा तो बताया गया कि स्पष्टीकरण के लिए मामला केंद्र के पास भेजा गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अनावश्यक रूप से प्रशासन इस मामले को लटकाने का प्रयास कर रहा है। 

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High Court taken tough stand on UT Administration on repeated steps taken to provide land for its building
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसकी इमारत के लिए भूमि देने पर बार-बार कदम खींचने पर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगली सुनवाई पर ठोस जवाब नहीं आया तो चंडीगढ़ प्रशासन मोटे जुर्माने के साथ ही अति कठोर आदेश के लिए तैयार रहे। हाईकोर्ट ने इस मामले में अब प्रशासक के सलाहकार को खुद हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।

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मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन से सारंगपुर में भूमि अलॉटमेंट पर जवाब मांगा तो बताया गया कि स्पष्टीकरण के लिए मामला केंद्र के पास भेजा गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अनावश्यक रूप से प्रशासन इस मामले को लटकाने का प्रयास कर रहा है। गृह और वित्त सचिव खुद इमारत पर पड़ रहे बोझ का निरीक्षण कर चुके हैं। बावजूद इसके वे वर्तमान की आवश्यकता को नहीं समझ रहे हैं।
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हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन शहर की प्राइम लोकेशन अपने पास रखना चाहता है और इसी लिए नए डीसी ऑफिस का निर्माण भी सेक्टर 17 में करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब प्रशासन को इन बिंदुओं पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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  • सचिवालय की नई इमारत के निर्माण में कितना पैसा खर्च किया गया है और पुरानी इमारत में कितना स्थान खाली है।
  • इन दोनों इमारतों में हाईकोर्ट के मुकाबले लोगों का कितना बोझ है
  • सेक्टर 17 में आरबीआई के निकट दशकों से जो खाली स्थान पड़ा है उसको लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए कि क्या यह किसी को अलॉट किया गया है
  • शिवालिक होटल के निकट नए डीसी ऑफिस के निर्माण पर कितना खर्च आ रहा है और यहां कितनी भूमि मौजूद है


आईआईटी रुड़की की टीम से रिपोर्ट मांगी
1. वर्तमान में वकीलों के जो चैंबर मौजूद हैं उनमें और मंजिलों का निर्माण क्यों नहीं करने दिया जा रहा जबकि चार मंजिलों वाली अन्य इमारतें मौजूद हैं
2. एडवोकेट जनरल कार्यालय की इमारत को विस्तार की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है
3. सेक्टर 17 में मौजूद चैंबरों में दो अतिरिक्त इमारतों का निर्माण क्यों नहीं किया जा सकता है
4. सेक्टर 4 में एमएलए हॉस्टल के पीछे का स्थान हाईकोर्ट आने वालों को पार्किंग के तौर पर क्यों नहीं दिया जा सकता जैसा की नए व पुराने सचिवालय, केंद्रीय सदन व पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर में किया जा रहा है

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