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हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी- लड़का और लड़की का दो दिन साथ रहना भी लिव इन रिलेशनशिप है
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 04 Dec 2018 09:16 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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लंबे समय तक संबंध बनाते हुए साथ रहना ही लिव इन नहीं है बल्कि यदि दो दिन भी इस प्रकार साथ रहते हैं तो उसे भी लिव इन रिलेशनशिप माना जाता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी प्रेमी द्वारा प्रेमिका की कस्टडी उसके अभिभावकों से लेकर उसे सौंपने की अपील वाली याचिका पर दी है। इससे पहले सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल करते हुए याची ने कहा था कि उसकी प्रेमिका उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
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इस दौरान उसके परिजन उसको बलपूर्वक ले गए थे। ऐसे में उसके परिजनों से उसकी कस्टडी लेकर याची ने लड़की को उसे सौंपने के आदेश जारी करने की अपील की थी। सिंगल बेंच ने कहा था कि ऐसा कोई सबूत मौजूद नहीं है जिससे यह साबित किया जा सके कि लड़की लड़के लिव इन रिलेशनशिप में थे। यह सब लड़की को बदनाम करने की साजिश है।
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सिंगल बेंच के इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान बताया गया कि लड़की- लड़के साथ थोड़े समय ही रही थी। इसलिए इसे लिव इन रिलेशनशिप नहीं माना जा सकता। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जरूरी नहीं कि लंबे समय तक संबंध बनाते हुए साथ रहना ही लिव इन रिलेशनशिप है। यदि दो दिन भी इस प्रकार का समय बिताया जाता है तो वह लिव इन रिलेशनशिप की श्रेणी में आता है।
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हालांकि लड़के की कस्टडी को लेकर की गई अपील पर हाईकोर्ट ने पूछा कि लड़के की उम्र क्या है। इस पर कोर्ट को बताया गया कि लड़के की उम्र 20 साल है। हाईकोर्ट ने कहा कि लड़का 21 साल की उम्र में बालिग होता है और उससे पहले शादी भी नहीं कर सकता। ऐसे में लड़की की कस्टडी उसे नहीं दी जा सकती। हालांकि केस की परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच द्वारा लगाया गया 1 लाख का जुर्माना माफ कर दिया।