फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court said on mining near the border country security is most important

Punjab: हाईकोर्ट ने कहा- देश की सुरक्षा सर्वोपरि, सीमा के करीब खनन पर एक माह में निर्णय ले रक्षा मंत्रालय

Wed, 13 Dec 2023 06:52 PM IST
ajay kumar डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
डिजिटल डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 13 Dec 2023 06:52 PM IST
सार

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सेना इससे पहले हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कह चुकी है कि अवैध खनन के चलते सीमा के आस-पास गढ्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है।

विज्ञापन
High Court said on mining near the border country security is most important
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सीमा के निकट खनन को लेकर स्पष्ट कर दिया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस क्षेत्र में खनन को लेकर निर्णय रक्षा मंत्रालय ही लेगा। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को एक महीने की मोहलत देते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर अदालत को मंत्रालय सूचित करेगा कि किस प्रकार और कितने क्षेत्र में वैध खनन की अनुमति दी जा सकती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बताया कि उनको जानकारी मिली है कि सीमावर्ती क्षेत्र में 500 करोड़ का नशा पकड़ा गया है जो चिंता का विषय है।

विज्ञापन


इस मामले में चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। पंजाब सरकार को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही अवैध खनन करते हुए नियमों और मानकों को ताक पर रख दिया जाता है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि प्राकृतिक आपदा का भय भी बढ़ जाता है। 

विज्ञापन

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में पंजाब पीने के पानी को तरस जाएगा। सुनवाई के दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि खनन राज्य का विषय है लेकिन रक्षा मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्टीय सीमा के 20 किलोमीटर क्षेत्र में खनन से पूर्व उनसे परामर्श आवश्यक है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब रक्षा मंत्रालय को वैध खनन को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

बीएसएफ व सेना उठा चुकी है सवाल

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सेना इससे पहले हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कह चुकी है कि अवैध खनन के चलते सीमा के आस-पास गढ्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इसके साथ ही यह गड्ढे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगार साबित हो रहे हैं। खनन दिन-रात होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इस शोर का फायदा उठा कर ड्रोन सीमा सीमा पार करवाए जाते हैं और इससे नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed