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Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court reprimand Punjab govt for not holding corporations and councils elections despite term completion

पंजाब सरकार को फटकार: HC ने पूछा-प्रधान सचिव 23 सितंबर तक बताएं कब होंगे नगर निगम व परिषदों के चुनाव

Wed, 11 Sep 2024 11:28 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 11 Sep 2024 11:28 AM IST
सार

पंजाब की अधिकतर म्युनिसिपल काउंसिल का कार्यकाल दिसंबर 2022 में खत्म चुका है, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए। एक अगस्त 2023 को स्थानीय निकाय विभाग ने म्युनिसिपल काउंसिल के चुनाव करवाने के लिए अधिसूचना जारी की थी जो एक नवंबर 2023 को आयोजित करने थे, लेकिन आज तक चुनाव नहीं करवाए गए।

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High Court reprimand Punjab govt for not holding corporations and councils elections despite term completion
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कार्यकाल पूरा होने के बावजूद नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनाव न करवाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने लोकल बॉडी विभाग के प्रधान सचिव को 23 सितंबर तक यह बताने का आदेश दिया है कि चुनाव में देरी क्यों हुई और चुनाव कब होंगे।
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इस मामले में मालेरकोटला निवासी बेअंत सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब की 42 म्युनिसिपल काउंसिल का कार्यकाल कई महीनों पहले खत्म हो चुका है, तो वहीं कुछ का कार्यकाल खत्म हुए दो साल से ही ज्यादा का समय हो चुका है। 
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चुनाव संपन्न न होने की वजह से सभी विकास कार्य रुके हुए हैं। याचिका के अनुसार राज्य की अधिकतर म्युनिसिपल काउंसिल का कार्यकाल दिसंबर 2022 में खत्म चुका है, लेकिन अभी तक चुनाव नहीं कराए गए। कोर्ट को बताया गया कि एक अगस्त 2023 को स्थानीय निकाय विभाग ने म्युनिसिपल काउंसिल के चुनाव करवाने के लिए अधिसूचना जारी की थी जो एक नवंबर 2023 को आयोजित करने थे, लेकिन आज तक चुनाव नहीं करवाए गए।
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याचिका के अनुसार उसने सरकार को यह चुनाव करवाने के लिए पांच जुलाई को एक कानूनी नोटिस भेजा था, लेकिन सरकार की तरफ से उसे अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। इसलिए अब उसने मजबूरी में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार को चुनाव करवाने के निर्देश देने की मांग की है। उसके अनुसार संविधान के अनुसार म्युनिसिपल काउंसिल के चुनाव उसकी अवधि खत्म होने से पहले करवाने जरूरी होते हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

इन निगमों के होने हैं चुनाव

एक अन्य याचिका में कोर्ट को यह भी बताया गया कि अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और फगवाड़ा नगर निगम के चुनाव भी सरकार ने नहीं कराया है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने बताया कि ये चुनाव जनवरी, 2023 में नगर निगमों का कार्यकाल पूरा होने से पहले आयोजित किए जाने की आवश्यकता थी, क्योंकि यह अनिवार्य है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 249-यू के साथ-साथ पंजाब नगर निगम की धारा सात के तहत भी ऐसा करना जरूरी है। इन चुनावों का संचालन न करके, राज्य ने मतदाताओं को लगभग एक वर्ष के लिए अपने जमीनी स्तर के लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए अपने प्रतिनिधियों को चुनने के उनके मूल्यवान लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित कर दिया है
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