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सरकार ने बहाल किए अधिकारी, तो हाईकोर्ट ने कहा- उलट क्यों चल रही है सरकार

Fri, 07 Apr 2017 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 07 Apr 2017 09:26 AM IST
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 High Court rebukes the haryana government
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

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पिछले साल हरियाणा में जाट हिंसा रोकने में नाकाम रहने वाले अधिकारियों को सस्पेंड कर दोबारा बहाल करना सरकार के लिए फजीहत बन गया, मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल पूछ लिया है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा रोकने में नाकाम रहने वाले अधिकारियों को प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित करने के बाद अब उन्हें दोबारा बहाल करने पर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है।

हाईकोर्ट में अमिकस क्यूरी ने न्यूज रिपोर्ट पेश कर बताया था कि प्रकाश सिंह की रिपोर्ट के आधार पर हरियाणा के कुछ अधिकारी निलंबित किए गए थे और अब एक-एक करके उन सभी को बहाल किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार तो अभी वर्तमान में चल रही जांच प्रभावित हो जाएगी। जिन लोगों को नाकाम करार दिया गया उन्हें प्रकाश सिंह कमेटी के उलट चलते हुए आखिर क्यों बहाल किया जा रहा है।
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समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के हवाले से बताया गया कि एचसीएस धर्मेंद्र सिंह को आयुष विभाग में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन), जगदीप सिंह को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में संयुक्त निदेशक (प्रशासन) और पंकज सेतिया को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में संयुक्त निदेशक (प्रशासन) लगाया गया है। सरकार ने एचपीएस अधिकारी व जाट हिंसा के दौरान बेरी के डीएसपी रहे जगत सिंह को जोगिंद्र शर्मा के स्थान पर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) में डीएसपी के पद पर नियुक्त किया है। खरखौदा के डीएसपी रहे सतीश कुमार को एचवीपीएनएल में नए स्वीकृत पद पर डीएसपी लगाया गया है।
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