फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court order punjab DGP file affidavit on constituting committee to monitor CCTV in police stations

Highcourt: पंजाब के थानों में मानवाधिकारों का उल्लंघन.. सीसीटीवी फुटेज निगरानी के लिए बनी कमेटी पर जवाब तलब

Tue, 23 Jan 2024 03:52 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 23 Jan 2024 03:52 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या सीसीटीवी फुटेज प्रणाली नाइट विजन से सुसज्जित है और इसमें ऑडियो के साथ-साथ वीडियो फुटेज भी शामिल है या नहीं। बिजली की विफलता के मामले में सीसीटीवी प्रणाली को आपूर्ति के लिए क्या व्यवस्था की गई है। क्या केंद्रीय सर्वर में सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग के लिए कोई प्रावधान किया गया है।

विज्ञापन
High Court order punjab DGP file affidavit on constituting committee to monitor CCTV in police stations
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब के थानों में मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो इसके लिए वहां की सीसीटीवी फुटेज की मॉनिटरिंग के लिए राज्य व जिला स्तर पर कमेटी गठित करने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डीजीपी को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समिति वरिष्ठ अधिकारियों वाली हो।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिया है कि वह बताएं कि क्या प्रत्येक जिले के सभी पुलिस स्टेशनों, सीआईए कार्यालयों, पुलिस चौकियों में सीसीटीवी सिस्टम स्थापित किए गए हैं। क्या सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं, पुलिस स्टेशन के पीछे के क्षेत्र में, पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार, हॉल, शौचालय के बाहर और खुले पुलिस स्टेशन परिसर में, सभी लॉकअप, सभी हॉल, लॉबी, रिसेप्शन क्षेत्र, बरामदे और कमरों में जिनका प्रयोग पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाता है वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या सीसीटीवी फुटेज प्रणाली नाइट विजन से सुसज्जित है और इसमें ऑडियो के साथ-साथ वीडियो फुटेज भी शामिल है या नहीं। बिजली की विफलता के मामले में सीसीटीवी प्रणाली को आपूर्ति के लिए क्या व्यवस्था की गई है। क्या केंद्रीय सर्वर में सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग के लिए कोई प्रावधान किया गया है, जिसे जिले के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी रखा जा सके और क्या डीवीआर में डाटा केवल ऑफलाइन मोड में ही स्टोर किया जाता है या इसके अलावा ऑनलाइन स्टोरेज की भी कोई व्यवस्था की गई है। हलफनामे में यह भी बताना होगा कि क्या रिकॉर्डिंग उपकरण कम से कम 18 महीने की रिकॉर्डिंग स्टोर करने में सक्षम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह था मामला
कपूरथला की शीलो और मंगत राम ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट से एनडीपीएस के मामले में नियमित जमानत की मांग की थी। याचिका में जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की अपील की गई थी और पुलिस पर इस मामले में उन्हें फंसाने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने थाने में महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज की अनुपलब्धता को देखते हुए डीजीपी को अब व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed