फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court issued notice to Haryana govt and SGPC on plea filed by Gurmeet Singh

Haryana: डेरा प्रमुख ने पैरोल/फरलो पर रोक के आदेश को हटाने की मांग की, HC ने हरियाणा सरकार से मांगा जवाब

Tue, 21 May 2024 10:32 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 21 May 2024 10:32 AM IST
सार

29 फरवरी को हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने राज्य को निर्देश दिया था कि भविष्य में अदालत की अनुमति के बिना डेरा प्रमुख के पैरोल के आवेदन पर विचार न किया जाए। 29 फरवरी के आदेशों पर रोक हटाने की मांग करते हुए डेरा प्रमुख ने अब दलील दी है कि पैरोल और फरलो देने का उद्देश्य सुधारात्मक प्रकृति का है और दोषी को परिवार और समाज के साथ अपने सामाजिक संबंधों को बनाए रखने में सक्षम बनाना है।

विज्ञापन
High Court issued notice to Haryana govt and SGPC on plea filed by Gurmeet Singh
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह की ओर से पैरोल या फरलो देने पर रोक के आदेश को हटाने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष लगाई गुहार पर सोमवार को हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार व एसजीपीसी को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा है। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट के जस्टिस जीएस संधावालिया पर आधारित डिवीजन बेंच ने हरियाणा सरकार को ये जानकारी देने का आदेश दिया है कि पिछले एक साल में डेरा मुखी जैसे अन्य दोषी जिन्हें ऐसे ही मामलों में दोषी करार दिया गया है, उनमें से कितनों की पैरोल की अर्जी सरकार ने खारिज की है। 
विज्ञापन


अपनी अर्जी में डेरा प्रमुख ने कहा है कि इस साल उसके पास अभी भी 41 दिन की पैरोल/फरलो बची हुई है और वे इसका लाभ उठाना चाहते हैं। उसने दावा किया है कि वह इस साल 20 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो सहित कुल 41 दिनों की अवधि के लिए रिहाई के लिए पात्र है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रामरहीम ने कहा- 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो का अधिकार
डेरा प्रमुख ने यह भी कहा है कि हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (टेंपररी रिलीज) एक्ट 2022 के तहत पात्र दोषियों को हर कैलेंडर वर्ष में 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो देने का अधिकार दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि नियम ऐसे किसी भी दोषी को पैरोल और फरलो देने पर रोक नहीं लगाते हैं, जिसे आजीवन कारावास और निश्चित अवधि की सजा वाले तीन या अधिक मामलों में दोषी ठहराया गया हो और सजा सुनाई गई हो। 


डेरा मुखी का कहना है कि हरियाणा सरकार मामले में अपने जवाब दायर कर बता चुकी है कि सिर्फ डेरा मुखी ही नहीं, बल्कि ऐसे 89 और भी दोषी हैं, उन्हें तीन या तीन से ज्यादा संगीन अपराध में दोषी करार दिया जा चुका है और उन्हे समय पर पैरोल मिलती रही है, इसलिए उन्हें दी गई पैरोल गलत नहीं है। डेरा मुखी का कहना है कि वह इस साल 20 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो के अधिकारी हैं, ऐसे में हाईकोर्ट अपने आदेश में संशोधन करे। बार बार डेरा प्रमुख को पैरोल/फरलो देने के खिलाफ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर फरवरी माह में कोर्ट ने डेरा प्रमुख को भविष्य में कोर्ट की इजाजत के बिना पैरोल या फरलो देने पर रोक लगा दी थी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed