फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court handed over investigation to CBI regarding accused of fraud by posing as IG

Chandigarh: खुद को आईजी बताकर करता था ठगी, आरोपी व पुलिस की मिलीभगत की जांच हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपी

Wed, 29 May 2024 06:13 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 29 May 2024 06:13 PM IST
सार

याची ने बताया था कि विनय अग्रवाल खुद को आईजी रैंक का आईपीएस अधिकारी बताता है और हिमाचल के ड्रग अधिकारी निशांत सरीन, कोमल खन्ना के साथ मिलकर उसने याची पर दबाव बना सात करोड़ रुपये हड़प लिए। याची पंचकूला सेेक्टर-20 का निवासी है। आरोपियों ने बलपूर्वक और धोखाधड़ी से उससे लूट की है।

विज्ञापन
High Court handed over investigation to CBI regarding accused of fraud by posing as IG
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खुद को आईजी बताकर ठगी करने के आरोपी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संपर्क में होने और हरियाणा पुलिस द्वारा उपलब्ध करवाई गई सुरक्षा व एस्कार्ट को लेकर अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंप दी है।
विज्ञापन


पंचकूला निवासी जगबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि विनय अग्रवाल खुद को आईजी रैंक का आईपीएस अधिकारी बताता है और हिमाचल के ड्रग अधिकारी निशांत सरीन, कोमल खन्ना के साथ मिलकर उसने याची पर दबाव बना सात करोड़ रुपये हड़प लिए। याची पंचकूला सेेक्टर-20 का निवासी है। आरोपियों ने बलपूर्वक और धोखाधड़ी से उससे लूट की है। याची ने बताया कि उसके उजागर करने के बाद यह पूरा मामला सामने आया था और तब याची पर दबाव बनाने के लिए उस पर फर्जी एफआईआर दर्ज करवा दी गई।
विज्ञापन


हिमाचल प्रदेश और हरियाणा ने जबरन वसूली का रैकेट चलाने के लिए आरोपी को राज्य मशीनरी प्रदान करने में हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच की मांग की थी। अग्रवाल पर हिमाचल प्रदेश में भी एक मामला दर्ज है जिसमें उसके साथ गए पुलिस जवानों को भी हिमाचल प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वहां के सीआईडी विंग ने इसका पर्दाफाश किया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि हरियाणा के जिन वरिष्ठ आईपीएस के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उनमें से एक वर्तमान में हरियाणा में महत्वहीन डीजीपी रैंक पर कार्यरत हैं जबकि इस मामले में आरोपों का सामना कर रहे एक अन्य वरिष्ठ आईपीएस कुछ समय पहले डीजीपी रैंक से सेवानिवृत्त हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपने विस्तृत आदेशों में, हाईकोर्ट ने सीबीआई निदेशक से वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में सीबीआई की एक एसआईटी गठित करने पर विचार करने के लिए भी कहा है, क्योंकि हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए है।


हाईकोर्ट ने जताई चिंता
हरियाणा के उच्च-पदस्थ पुलिस अधिकारियों से ठगों को प्राप्त संभावित संरक्षण के बारे में हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। यह चौंकाने वाला और बहुत अजीब है कि हरियाणा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जुड़े पुलिस अधिकारी खुलेआम आरोपी विनय अग्रवाल के साथ राज्य के बाहर जा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed