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पहल: सरहद पर तैनात होंगे जवान, पत्नी-बच्चों का सेहत सखियां रखेंगी ध्यान

Sun, 13 Sep 2020 06:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 13 Sep 2020 06:44 PM IST
सार

  • मोबाइल, लैपटॉप पर ऑनलाइन डॉक्टरों से बातचीत कर छोटी बीमारियों का इलाज संभव होगा
  • हेडक्वार्टर आईडीएस ने इसके लिए शुरू की टेली मेडिसिन हेल्थ केयर सर्विस
  • सेहत सखियां जवानों की पत्नियों को इस सुविधा का लाभ पहुंचाने में मदद करेंगी

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Health Sakhis will take care of army Jawan Family
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

मिलिट्री स्टेशनों में मौजूद विभिन्न कालोनियों और क्वार्टरों में प्रशिक्षित सेहत सखियां अब उन जवानों की पत्नियों व बच्चों की सेहत का ध्यान रखेंगी, जो सरहदों पर तैनात हैं। इस काम के लिए ऐसी कालोनियों और क्वार्टरों में बाकायदा सेहत सखियों की नियुक्ति की जाएगी। यह पहल आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (आवा) की ओर से की जा रही है। 

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एसोसिएशन गैर-लाभकारी संगठन है। जो जवानों की पत्नियां, बच्चों व आश्रितों की मदद व कल्याण के लिए काम करता है। इसकी स्थापना 1966 में हुई थी। एसोसिएशन का लक्ष्य युद्ध विधवाओं और युद्ध हताहतों के पुनर्वास भी है। इसके अलावा, संघ व्यावसायिक प्रशिक्षण का आयोजन करता है और लाभार्थियों को सशक्त बनाता है। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की पत्नी इस एसोसिएशन की प्रेजिडेंट होती है।
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आवा की प्रेजिडेंट वीना नरवणे ने एसोसिएशन के इस पहल को कोरोना काल में बहुत ही महत्वपूर्ण कदम बताया है। विभिन्न मिलिट्री स्टेशनों में बहुत से जवान सरहदों पर तैनात होते हैं। मगर उनके बच्चे व पत्नियां मिलिट्री स्टेशनों में ही बने क्वार्टरों और कॉलोनियों में ही रहते हैं। स्थानीय मिलिट्री अथॉरिटी की ओर से इनका पूरा ध्यान भी रखा जाता है। 

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हाल ही में इंटीग्रेटेड डिफेंस सर्विसेज मुख्यालय ने टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की है। जिसके तहत विशेषज्ञ डॉक्टर ऑनलाइन अथवा मोबाइल से मरीज से बात करेंगे और उनकी छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार के लिए उन्हें ऑनलाइन ही परामर्श देते हुए दवाइयां भी बताएंगे। इसी सुविधा का लाभ सेना की जवानों और पत्नियों को पहुंचाने के लिए आवा ने इन कॉलोनियों और क्वार्टरों में सेहत सखियों को नियुक्त करने का फैसला लिया है। यह सेहत सखियां इन रिहायशी कालोनियों में जवानों की पत्नियों का संपर्क मोबाइल व लैपटॉप के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से करवाएंगी और उन्हें डॉक्टरी सलाह दिलावाएंगी। 

कोरोना काल में रुकेंगी नहीं गतिविधियां, वेबसाइट से आगे बढ़ेंगी
कोरोना की वजह से आवा की गतिविधियां काफी समय से प्रभावित हो रही हैं। इसी के मद्देनजर आवा ने फैसला लिया है कि यह गतिविधियां विशेष वेबसाइट के जरिए आगे बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए अंग्रेजी वेबसाइट तैयार कर ली गई है और जल्द ही वेबसाइट का हिंदी वर्जन तैयार हो जाएगा। इसी वेबसाइट पर सभी जवानों और अफसरों की पत्नियों को ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया जाएगा।

जहां वे आपस में अपने कला गुणों और विभिन्न क्षेत्रों महारथ को एक-दूसरे के साथ साझा कर सकेंगी। वेबिनार व ट्रेनिंग का आयोजन भी इसी के जरिये किया जाएगा। इसी कड़ी में आवा ने इस बार अपनी वार्षिक मैगजीन भी डिजिटल फॉर्म में लांच करने का फैसला लिया है। जल्द ही आवा की मैगजीन वेबसाइट पर डिजिटल फॉर्म में अपलोड की जाएगी। 

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