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नई किलकारी: पंजाब में मार्च महीने में 25000 बच्चों का हुआ जन्म, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
Thu, 23 Apr 2020 08:45 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 23 Apr 2020 08:45 PM IST
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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मार्च महीने में पंजाब के सरकारी और निजी अस्पतालों में 25,000 हजार बच्चों का जन्म हुआ। वहीं लगभग 32,000 गर्भवती महिलाओं को ऐनटैनिटल (जन्म से पहले) चेकअप के लिए पंजीकृत किया गया। यह जानकारी पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने दी।
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उन्होंने कहा कि लगभग 99 प्रतिशत प्रसव संस्थाओं में हुए हैं। इनमें 58 प्रतिशत सरकारी अस्पतालों और 41 प्रतिशत निजी संस्थाओं में हुए हैं। प्रदेश में सर्वाधिक 3000 प्रसव लुधियाना जिले में हुए हैं। इसके अलावा अमृतसर में 2550, पटियाला में 2000, बठिंडा में 1690, गुरदासपुर में 1330, संगरूर में 1300 और होशियारपुर में 1300 नवजात जन्मे।
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कोरोना वायरस के रोकथाम के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 का पहला केस मध्य मार्च में नवांशहर में आया था। उसके बाद पूरे पंजाब में कर्फ्यू लगा दिया गया लेकिन सभी सिविल सर्जनों को यह निर्देश भी दिए गए थे कि गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और बच्चों को मौजूदा लॉकडाउन और कर्फ्यू के कारण कोई परेशानी न हो।
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इसलिए पंजाब के सभी जिलों में गर्भवती महिलाओं, उच्च खतरे वाली गर्भ अवस्थाओं, नवजातों और बच्चों के लिए 24 घंटे एमसीएच और टीकाकरण की जरूरी सरकारी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने आदेश जारी किया है कि सरबत सेहत बीमा योजना के तहत सभी निजी अस्पताल अब गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी, हाईरिस्क डिलीवरी, नॉर्मल डिलीवरी और सिजेरियन हिस्ट्रैकटोमी के लिए भर्ती कर सकते हैं।
इसके लिए सरकारी अस्पतालों से कोई मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। परिवार कल्याण डायरेक्टर डॉ. प्रभदीप कौर जौहल ने भी सभी सिविल सर्जनों को निर्देश भेजकर कहा है कि सभी जरूरी उच्च प्राथमिकता वाली नॉन-कोविड सेवाएं जैसे कि एमसीएच, टीकाकरण और परिवार नियोजन संबंधी मौजूदा स्थिति के कारण परेशानी न हो। डायरेक्टर परिवार कल्याण द्वारा एमसीएच और टीकाकरण सेवाएं मुहैया करवाने के लिए व्यापक दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।