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विवादों के बीच एचसीएस की भर्ती पूरी : 100 पदों के लिए साक्षात्कार को बुलाए सभी 61 अभ्यर्थियों का चयन, 39 पद रह गए खाली
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एचपीएससी ने जारी किया एचसीएस परीक्षा-2022 का अंतिम परिणाम
जसवंत मलिक ने परीक्षा में किया टॉप, यश मलिक दूसरे स्थान पर रहे
खाली पदों को लेकर कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने उठाए सवाल
चंडीगढ़। तमाम विवादों के बीच एचसीएस (कार्यकारी शाखा) एवं एलायड की भर्ती पूरी कर ली गई है। बुधवार को हरियाणा लोक सेवा आयोग ने परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। 100 पदों की भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा पास करके साक्षात्कार के लिए बुलाए गए सभी 61 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जबकि 39 पद खाली रह गए हैं। परीक्षा में जसवंत मलिक 366 अंक लेकर पहले स्थान पर रहे हैं, जबकि यश मलिक 364 अंकों के साथ दूसरे, चिन्मय गर्ग 358 के साथ तीसरे, मुद्रा रहेजा 356.67 चौथे और अक्षय कुमार 355 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे हैं। कुल परीक्षा 675 अंकों की थी।
एचसीएस (कार्यकारी शाखा) और एलाइड सर्विसेज के पदों पर भर्ती के लिए 21 मई को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई थी। 1200 से अधिक अभ्यर्थियों ने 12 और 13 अगस्त को मुख्य परीक्षा दी थी। 25 सितंबर को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था, जिसमें मात्र 61 अभ्यर्थियों को ही पास किया था और उनको नौ अक्तूबर से साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। बुधवार को एचपीएससी ने परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित किया है। चयनित अभ्यर्थियों में से 44 सामान्य श्रेणी के हैं, 6 एससी, 3 बीसीए, बीसीबी 1, ईडब्ल्यूएस के 6 और ईएसएम सामान्य श्रेणी के एक अभ्यर्थी का चयन हुआ है।
ये रहे विवाद
- 21 मई को हुई प्रारंभिक परीक्षा में पिछले साल की परीक्षा के 40 सवाल हूबहू दोहराए गए
- 25 सितंबर को मुख्य परीक्षा के परिणाम में 1200 में से केवल 61 अभ्यर्थी ही पास हुए
- मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा, और भी याचिकाएं लगनी तय
सख्त नियमों के चलते खाली रह गए पद
लिखित परीक्षा में 600 अंकों में 270 अंक प्राप्त करना जरूरी था। नियमों के तहत पदों के 3 गुणा तक अभ्यर्थियों को रखना होता है, लेकिन एचपीएससी ने हर विषय में पास होना और कुल 45 प्रतिशत अंकों की शर्त लगा दी, जिसके चलते शेष अभ्यर्थ भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए।
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सुरजेवाला का तंज, ये कैसा अमृतकाल
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला का आरोप है कि हरियाणा सरकार आरक्षित वर्गों यानी एससी, बीसी, पूर्व सैनिक व ईएसएम को एचसीएस के लायक नहीं समझती। ईडब्ल्यूएस के अलावा आरक्षित वर्गों की एससी सहित कुल 37 में से 26 पदों को ख़ाली रख दिया। एससी श्रेणी की कुल 18 सीट थी, केवल छह भरी गई हैं और 12 पदों को खाली रखा गया है। इसी प्रकार, बीसी ए श्रेेणी की कुल 10 सीट में से केवल तीन भरी गई हैं, बीसी बी श्रेणी की कुल पांच सीटों में केवल एक भरी गई हैं। ईएसएम श्रेणी की कुल छह सीट थी, केवल एक भरी गई है, इसके अलावा दिव्यांग श्रेणी की कुल चार सीटें थी और चारों को ही खाली रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कैसा अमृतकाल है।
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जसवंत मलिक ने परीक्षा में किया टॉप, यश मलिक दूसरे स्थान पर रहे
खाली पदों को लेकर कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने उठाए सवाल
चंडीगढ़। तमाम विवादों के बीच एचसीएस (कार्यकारी शाखा) एवं एलायड की भर्ती पूरी कर ली गई है। बुधवार को हरियाणा लोक सेवा आयोग ने परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। 100 पदों की भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा पास करके साक्षात्कार के लिए बुलाए गए सभी 61 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जबकि 39 पद खाली रह गए हैं। परीक्षा में जसवंत मलिक 366 अंक लेकर पहले स्थान पर रहे हैं, जबकि यश मलिक 364 अंकों के साथ दूसरे, चिन्मय गर्ग 358 के साथ तीसरे, मुद्रा रहेजा 356.67 चौथे और अक्षय कुमार 355 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे हैं। कुल परीक्षा 675 अंकों की थी।
एचसीएस (कार्यकारी शाखा) और एलाइड सर्विसेज के पदों पर भर्ती के लिए 21 मई को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित हुई थी। 1200 से अधिक अभ्यर्थियों ने 12 और 13 अगस्त को मुख्य परीक्षा दी थी। 25 सितंबर को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था, जिसमें मात्र 61 अभ्यर्थियों को ही पास किया था और उनको नौ अक्तूबर से साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। बुधवार को एचपीएससी ने परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित किया है। चयनित अभ्यर्थियों में से 44 सामान्य श्रेणी के हैं, 6 एससी, 3 बीसीए, बीसीबी 1, ईडब्ल्यूएस के 6 और ईएसएम सामान्य श्रेणी के एक अभ्यर्थी का चयन हुआ है।
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ये रहे विवाद
- 21 मई को हुई प्रारंभिक परीक्षा में पिछले साल की परीक्षा के 40 सवाल हूबहू दोहराए गए
- 25 सितंबर को मुख्य परीक्षा के परिणाम में 1200 में से केवल 61 अभ्यर्थी ही पास हुए
- मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा, और भी याचिकाएं लगनी तय
सख्त नियमों के चलते खाली रह गए पद
लिखित परीक्षा में 600 अंकों में 270 अंक प्राप्त करना जरूरी था। नियमों के तहत पदों के 3 गुणा तक अभ्यर्थियों को रखना होता है, लेकिन एचपीएससी ने हर विषय में पास होना और कुल 45 प्रतिशत अंकों की शर्त लगा दी, जिसके चलते शेष अभ्यर्थ भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए।
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सुरजेवाला का तंज, ये कैसा अमृतकाल
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला का आरोप है कि हरियाणा सरकार आरक्षित वर्गों यानी एससी, बीसी, पूर्व सैनिक व ईएसएम को एचसीएस के लायक नहीं समझती। ईडब्ल्यूएस के अलावा आरक्षित वर्गों की एससी सहित कुल 37 में से 26 पदों को ख़ाली रख दिया। एससी श्रेणी की कुल 18 सीट थी, केवल छह भरी गई हैं और 12 पदों को खाली रखा गया है। इसी प्रकार, बीसी ए श्रेेणी की कुल 10 सीट में से केवल तीन भरी गई हैं, बीसी बी श्रेणी की कुल पांच सीटों में केवल एक भरी गई हैं। ईएसएम श्रेणी की कुल छह सीट थी, केवल एक भरी गई है, इसके अलावा दिव्यांग श्रेणी की कुल चार सीटें थी और चारों को ही खाली रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कैसा अमृतकाल है।