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हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ओएमआर शीट पर नहीं लेगा बोर्ड परीक्षा, हसला प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में जताई सहमति

Fri, 19 Feb 2021 02:34 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 19 Feb 2021 02:34 AM IST
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Haryana School Education Department Will not Take Board Exams On OMR Sheet
सांकेतिक तस्वीर।

हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षाएं ओएमआर शीट पर नहीं लेगा। सरकारी स्कूलों के लेक्चरर्स के विरोध जताने पर सेकंडरी शिक्षा निदेशक ने यह हामी भर दी है। शिक्षा निदेशालय ने बॉयोलॉजी का पाठ्यक्रम कम करने के लिए भी शिक्षा बोर्ड को पत्र लिखा है।

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गुरुवार को हसला प्रतिनिधिमंडल की सेकंडरी शिक्षा निदेशक जे. गणेशन के साथ प्राध्यापकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर निदेशालय में बैठक हुई। हसला राज्य प्रधान दयानंद दलाल ने बताया कि मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षाएं ओएमआर शीट पर न कराने को लेकर निदेशक ने सहमति जताई है। वर्तमान सत्र में परीक्षाओं के मद्देनजर स्कूलों में अन्य सहपाठ्य क्रियाओं के बजाय पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। तबादलों से पहले सभी प्राध्यापकों का एमआईएस अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है।
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प्रोबेशन अवधि पूरा कर चुके प्राध्यापकों को जल्द नियमित करने का पत्र
जिन प्राध्यापकों की 2016-19 एलटीसी मंजूर हो चुकी है, उनको 2020-23 के बजट से ही एलटीसी जारी करने के लिए वित्त विभाग से स्वीकृति मांगी है। मंजूरी मिलते ही एलटीसी जारी कर दी जाएगी। दलाल ने बताया कि प्रोबेशन अवधि पूरा कर चुके सभी प्राध्यापकों को विभागीय नियमानुसार नियमित करने के बारे में पत्र जल्द जारी कर दिया जाएगा। एसीपी मामलों पर निदेशक ने बताया कि पोर्टल पर काम चल रहा है। यदि 15 दिनों में पोर्टल ने काम करना शुरू नहीं किया तो दोबारा से मैन्युअल एसीपी को मंजूरी दी जाएगी।

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बोर्ड परीक्षाओं के नए पैटर्न पर निजी स्कूलों को आपत्ति

हरियाणा के निजी स्कूलों ने स्कूल शिक्षा बोर्ड के 10वीं-12वीं कक्षा के प्रस्तावित परीक्षा पैटर्न पर आपत्ति जताई है। प्राइवेट स्कूल संघ ने प्रतियोगी परीक्षा की तर्ज पर ऑब्जेक्टिव टाइप बोर्ड एग्जाम लेने का आग्रह किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि इस एग्जाम पैटर्न के अनुसार बोर्ड परीक्षा के दौरान पहले 45 मिनट में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्र होगा, जिसे हल करने के लिए ओएमआर शीट दी जाएगी।

 इस पेपर में 30 से 40 प्रश्र होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में एक प्रश्न के लिए दो मिनट दिए जाते हैं तो बोर्ड परीक्षा में बच्चों के साथ यह अन्याय क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय कम होने के कारण बच्चे अपना एग्जाम पूरा नहीं कर पाएंगे, जिसका सीधा प्रभाव उनके परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बोर्ड प्रशासन अपने बेतुके प्रयोगों से चर्चाओं में रहा है। अब नए एग्जाम पैटर्न से सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा का या तो समय बढ़ाया जाए या इसे मुख्य परीक्षा में ही शामिल करते हुए समय की बाध्यता को समाप्त करें।

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