फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana's green firecracker permit has had no effect; Bahadurgarh and Jind have the worst air quality.

हरियाणा में सांसें फिर हुईं भारी: ग्रीन पटाखों की अनुमति का नहीं दिखा असर; बहादुरगढ़ व जींद में सबसे खराब हवा

Tue, 21 Oct 2025 08:57 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 21 Oct 2025 08:57 AM IST
विज्ञापन
Haryana's green firecracker permit has had no effect; Bahadurgarh and Jind have the worst air quality.
सांकेतिक फोटो - फोटो : फाइल

दीपावली के बाद हरियाणा की हवा फिर जहरीली हो गई है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार पहुंच गया है, जो गंभीर श्रेणी में आता है। बहादुरगढ़ में एक्यूआई 358, बल्लभगढ़ में 293, भिवानी में 307, चरखी दादरी में 303, गुरुग्राम में 344, रोहतक में 343, जींद में 350 और नारनौल में 367 दर्ज किया गया। दिल्ली में भी हवा बेहद खराब रही, जहां एक्यूआई 352 रहा, जबकि हरियाणा सीमा से लगे धारूहेड़ा (377) और मानेसर (316) में सांस लेना और कठिन हो गया।

विज्ञापन


पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रो. रविंद्र खैवाल का कहना है कि दीपावली के दौरान सरकार द्वारा केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति देने का फैसला प्रभावी साबित नहीं हुआ। सीमित समय में भी बड़े पैमाने पर आतिशबाजी हुई, जिससे रातभर धुआं और धूल का गुबार छाया रहा। इसके साथ ही पराली जलाने की घटनाएं, निर्माण कार्यों से उठती धूल और वाहनों के धुएं ने मिलकर प्रदूषण का स्तर और बढ़ा दिया।
विज्ञापन


इसी तरह देशभर में भी हालात बेहतर नहीं हैं। गाजियाबाद (326), नोएडा (326), हापुड़ (313) और नंदेसरी (303) जैसे औद्योगिक शहरों की हवा भी खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई है। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा मिलकर फिलहाल देश का सबसे प्रदूषित बेल्ट बन गए हैं। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, हरियाणा में औसत एक्यूएआई 330 से अधिक दर्ज हुआ, जिससे यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ देश के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में शुमार हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेषज्ञों की चेतावनी है कि अगर अगले कुछ दिनों में हवा की गति नहीं बढ़ी, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। सरकार ने पराली जलाने पर सख्त निगरानी और औद्योगिक क्षेत्रों में जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन राहत के आसार अभी दूर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed