हरियाणा रोडवेज हड़तालः कर्मचारियों के साथ वार्ता विफल, सरकार की बढ़ी मुश्किलें
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रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को खत्म कराने में हरियाणा सरकार कामयाब नहीं हो पाई है। साढ़े चार घंटे चली पांच दौर की मैराथन बैठकों के बाद वार्ता विफल हो गई। रविवार को हड़ताल का छठा दिन था। सोमवार को हड़ताल के सातवें दिन हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी एक बार फिर आपात बैठक कर हड़ताल को आगे बढ़ाने का मन बना चुकी है। सरकार किलोमीटर स्कीम को रद्द करने के मूड में नहीं दिख रही और कर्मचारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
तमाम कोशिशों के बावजूद कर्मचारी एकता बनी हुई है। जिससे प्रदेश में परिवहन व्यवस्था ठप हो चुकी है। वार्ता के विफल होने से सरकार की मुश्किलें और बढ़ेंगी। चूंकि, प्रदेश में सरकार निजी स्कूलों, उद्योगों और कंपनियों की बसों को हायर कर चला रही है। सोमवार से शैक्षणिक संस्थान फिर से खुल गए हैं, ऐसे में निजी स्कूलों, कॉलेजों व अन्य संस्थानों की बसें भी नहीं मिल पाएंगी।
इससे लागों को और परेशानी उठानी पड़ेगी। सरकार की ओर से वार्ता में शामिल सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, एसीएस धनपत सिंह, परिवहन महानिदेशक पंकज अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों और रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के बीच वार्ता के दौरान नोकझोंक भी हुई। दूसरे दौर की वार्ता में माहौल गर्माने के बाद कर्मचारी नेता बिफर गए और बैठक स्थल से जाने लगे। जिसे देखते हुए परिवहन महानिदेशक पंकज अग्रवाल, अतिरिक्त परिवहन निदेशक वीरेंद्र दहिया ने उन्हें मनाकर फिर से वार्ता में शामिल कराया।
तीन दौर की वार्ता और चली, लेकिन उच्च अधिकारियों ने किलोमीटर स्कीम रद्द करने पर हाथ खड़े कर दिए। सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर व एसीएस परिवहन धनपत सिंह ने कहा कि किलोमीटर स्कीम रद्द करने का निर्णय उनके हाथ में नहीं है। यह सरकार का निर्णय है, सीएम को उनकी मांग से अवगत करा दिया जाएगा। अंतिम निर्णय सीएम ही लेंगे। उनकी ओर से जो भी निर्णय होगा, उससे अवगत करा दिया जाएगा। उनकी अपील है कि जनहित के मद्देनजर रोडवेज कर्मचारी हड़ताल को वापस लें।
दूसरे दौर की वार्ता में शामिल हुए खुल्लर व धनपत
रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्यों हरिनारायण शर्मा, सरबत सिहं पूनिया, दलबीर किरमारा, वीरेंद्र धनखड़, इंद्र सिंह बधाना, आजाद गिल, बलवान सिंह दोदवा, अनूप सहरावत, जय भगवान कादियान, नसीब जाखड़ और विजय ढोंचक के साथ सरकार की तरफ से दो बजे परिवहन मुख्यालय में महानिदेशक पंकज अग्रवाल व अतिरिक्त महानिदेशक वीरेंद्र दहिया ने वार्ता शुरू की।
पहले दौर की वार्ता लगभग डेढ़ घंटे चली। कोई नतीजा न निकलने पर दूसरे दौर की वार्ता में सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्ली व एसीएस परिवहन धनपत सिंह शामिल हुए। खुल्लर के कड़ा रुख अपनाने में कर्मचारी नेता भी मांग पर अड़े रहे। माहौल अधिक गर्माने पर तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। दोनों ओर से अड़ियल रुख अपनाए जाने पर चौथे और पांचवें दौर की वार्ता में भी कोई नतीजा नहीं निकला। साढ़े छह बजे बातचीत बेनतीजा घोषित कर दी गई।
किलोमीटर स्कीम रद्द किए बिना नहीं बनेगी बात
हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी ने कहा है कि किलोमीटर स्कीम रद्द किए बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी। पहले ही सीएम से वार्ता की पेशकश की गई थी, चूंकि निर्णय उन्होंने ही लेना है। इसलिए सरकार जल्दी सीएम को वास्तविक स्थिति से अवगत करवाकर निर्णय ले और कमेटी को बातचीत के लिए बुलाकर हड़ताल खत्म कराए। हड़ताल आगे बढ़ने से दिक्कतें और बढ़ेंगी, ये रोडवेज कर्मचारी बिल्कुल नहीं चाहते।
रोडवेज हड़ताल के समर्थन में विधायकों-मंत्रियों के निवास पर प्रदर्शन
हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व सीटू के संयुक्त आह्वान पर रविवार को कर्मचारियों ने विधायकों एवं मंत्रियों के निवास पर प्रदर्शन किए। दोनों संगठनों के नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने रोडवेज के निजीकरण के निर्णय और कर्मचारियों की उत्पीड़न की कार्रवाई वापस नहीं ली तो पूरी तरह कामकाज ठप होना तय है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर फोगाट, सीटू के प्रधान सतबीर सिंह व महासचिव जय भगवान ने बताया कि सरकार बातचीत केवल जनता को दिखाने के लिए कर रही है, समाधान के लिए नहीं। 700 बसों को किमी स्कीम के तहत हायर करने का निर्णय कैबिनेट का है। इसे वापस लेने का फैसला कैबिनेट या स्वयं मुख्यमंत्री ले सकते हैं।