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'तीसरी आंख' से होगी खतरनाक ड्राइविंग और ओवरस्पीड वाहनों की निगरानी, NH-44 में लगेंगे स्पीड रडार
Sun, 15 Mar 2020 08:59 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 15 Mar 2020 08:59 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Social
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हरियाणा पुलिस ने अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत जिलों से गुजरने वाले एनएच-44 के 187 किलोमीटर क्षेत्र में स्पीड रडार, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर्स और कैमरा नेटवर्क स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह नेटवर्क खतरनाक ड्राइविंग करने वालों सहित ओवरस्पीड और असुरक्षित लेन में चलने वालों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीयकृत नियंत्रण कक्ष से जुड़ा होगा।
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अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि 31 वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान पुलिस महानिदेशक मनोज यादव की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा को लेकर रूपरेखा तैयार की गई है। बार-बार गति सीमा का उल्लंघन अधिक दुर्घटनाओं का कारण बनता है। सही गति का पता लगाने वाले उपकरणों और कैमरों की स्थापना निश्चित रूप से सड़क दुर्घटनाओं में बहुमूल्य मानव जीवन के नुकसान को कम करने में मददगार साबित होंगे।
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विर्क ने कहा कि 17 जनवरी तक मनाए गए सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान ट्रैफिक पुलिस टीमों ने स्वयंसेवियों की मदद से ट्रैफिक नियम के उल्लंघनकर्ताओं को फूल भेंट कर ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया है। दोपहिया वाहन चालकों को प्रोत्साहित करने के लिए हेलमेट भेंट कर जीवन सुरक्षा के बारे में बताया गया। भारी या हल्के वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप भी चिपकाई गई। विर्क ने बताया कि कुल 115 सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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सड़क सुरक्षा पहलुओं पर सड़क उपयोगकर्ताओं को शिक्षित किया गया। यातायात अधिकारियों ने प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण के बाद ड्राइवरों की आंखों की जांच के अलावा रक्तदान शिविर का आयोजन किया। स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गईं। ओवर स्पीडिंग के 53, गलत पार्किंग के 776 और नशे में वाहन चलाने के 26 चालान भी यातायात उल्लंघनकर्ताओं के किए गए हैं।