नम आंखों से दी गई शहीद सतपाल को आखिरी विदाई, साढ़े चार साल की बेटी ने दी मुखाग्नि
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लद्दाख में 15 अगस्त को सड़क हादसे में शहीद हुए अग्रोहा के सतपाल भाकर के पार्थिव शरीर का बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौजूद लोग भारत माता की जय और शहीद सतपाल अमर रहे के नारे लगाते रहे। शहीद सतपाल भाकर को श्रद्धांजलि देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहीद की साढ़े चार वर्षीय बड़ी बेटी साक्षी ने चिता को मुखाग्नि दी। इस अवसर पर शहीद की छोटी बेटी नमन भी मौजूद थी।
वर्ष 1988 में गांव भोडा होशनाक में जन्मे और भारतीय सेना में लद्दाख क्षेत्र में तैनात सतपाल भाकर 7 महीने पहले छुट्टियों में घर आए थे। 15 अगस्त को लद्दाख में हुई एक सड़क दुर्घटना में वे शहीद हो गए थे। बुधवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को सेना द्वारा हिसार लाया गया। सिरसा रोड पर अग्रोहा से पहले टोल-प्लाजा से युवाओं का काफिला सेना की गाड़ी के साथ जुड़ गया और शहीद सतपाल अमर रहे के नारों के साथ पार्थिव शरीर के साथ अग्रोहा पहुंचा। शहीद के पार्थिव शरीर को पहले उनके घर ले जाया गया। इसके बाद अग्रोहा स्थित श्मशान घाट लाया गया।
शहीद को दी अंतिम सलामी
श्मशान घाट में भारतीय सेना के सीईओ सुरेश राय ने शहीद को सलामी दी और सेना के जवानों ने फायरिंग कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद सुनीता दुग्गल, राज्यसभा सांसद डॉ. डीपी वत्स, एसडीएम राजेंद्र सिंह, राज्यमंत्री अनूप धानक के प्रतिनिधि के रूप में उनके भाई सतीश कुमार, बीडीपीओ मनोज कुमार, सरपंच बलबीर भांभू, पिता बलवान, पुलिस थाना प्रभारी गुरदीप, जजपा जिलाध्यक्ष कैप्टन छाजूराम सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों ने शहीद को पुष्पांजलि भेंट की। शहीद के अंतिम संस्कार में महिलाएं भी श्मशान घाट पहुंचीं। हरियाणा के पुरातत्व-संग्रहालय एवं श्रम-रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक ने शहीद सतपाल के परिजनों से फोन पर बात कर उन्हें सांत्वना दी।
6 साल पहले ही हुई थी शादी
शहीद सतपाल की शादी बरवाला के गांव भैणी बादशाहपुर में करीब 6 साल पहले प्रोमिला से हुई थी। सतपाल को दो बेटियां हैं, जिनमें साढ़ चार साल की साक्षी और दूसरी अढ़ाई साल की मानवी है। सतपाल दो बहनों का इकलौता भाई था।
11 साल पहले हुआ था सेना में भर्ती
सतपाल के चचेरे भाई परवेश व राकेश के अनुसार सतपाल में बचपन से ही सेना में जाने का जज्बा था। करीब 11 साल पहले कड़ी मेहनत कर उसने अपने सपने को साकार किया और सेना में भर्ती हो गया। पिछले 3 साल से उसकी पोस्टिंग लेह लद्दाख में थी।
पत्नी से बोला था- 15 दिन बाद छुट्टी लेकर आऊंगा
सतपाल ने बीते शनिवार अपनी पत्नी से फोन पर कहा था कि वह 15 दिन बाद छुट्टी लेकर आ जाएगा और उसके बाद ही हिसार में ड्यूटी ज्वाइन करेगा। परिजनों के अनुसार सतपाल जनवरी माह में छुट्टी के बाद वापस ड्यूटी पर गया था। उसके बाद उसका तबादला मई माह में लद्दाख से हिसार हो गया था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते वह वापस नहीं आ पाया था।