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दलाई लामा के बयान पर बीजेपी मंत्री के बेबाक बोल, नेहरू खानदान के आगे नहीं बोल पाते थे महात्मा गांधी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Aug 2018 09:52 AM IST
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मंत्री अनिल विज
- फोटो : File Photo
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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। विज ने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए है। विज ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की बात का नैतिक समर्थन करते हुए कहा कि नेहरू की बजाए यदि किसी और या फिर सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो न देश के टुकड़े होते और न ही पाकिस्तान और कश्मीर जैसी समस्या का जन्म होता।
विज ने कहा कि नेहरू खानदान के सामने महात्मा गांधी भी बोलते नहीं थे। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने एक कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू के प्रति महात्मा गांधी के झुकाव और भारत-पाकिस्तान के विभाजन पर बयान दिया था। दलाई लामा ने कहा था कि यदि नेहरू के बजाय जिन्ना को भारत का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो शायद भारत और पाकिस्तान का विभाजन न होता।
विज, जिन्ना को भारत का प्रधानमंत्री बनाए जाने की बात से तो सहमत नहीं हैं, लेकिन उन्होंने गांधी और नेहरू को जरूर कठघरे में खड़ा किया है। विज ने कहा कि सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने की सार्वजनिक मांग थी, लेकिन गांधी का नेहरू खानदान के प्रति झुकाव था और वे उनके सामने बोलते नहीं थे।
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विज ने कहा कि नेहरू खानदान के सामने महात्मा गांधी भी बोलते नहीं थे। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने एक कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू के प्रति महात्मा गांधी के झुकाव और भारत-पाकिस्तान के विभाजन पर बयान दिया था। दलाई लामा ने कहा था कि यदि नेहरू के बजाय जिन्ना को भारत का प्रधानमंत्री बनाया जाता तो शायद भारत और पाकिस्तान का विभाजन न होता।
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विज, जिन्ना को भारत का प्रधानमंत्री बनाए जाने की बात से तो सहमत नहीं हैं, लेकिन उन्होंने गांधी और नेहरू को जरूर कठघरे में खड़ा किया है। विज ने कहा कि सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने की सार्वजनिक मांग थी, लेकिन गांधी का नेहरू खानदान के प्रति झुकाव था और वे उनके सामने बोलते नहीं थे।
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