सोनीपतः तीन प्रदेशों की पुलिस रेड के बाद शराब घोटाले के किंगपिन का सरेंडर, 97 लाख कैश बरामद
- चंडीगढ़, हरियाणा व मोहाली पुलिस ने चंडीगढ़ के सेक्टर-50 में मारा छापा
- गृहमंत्री विज बोले- हरियाणा सचिवालय में बेरोकटोक आता जाता था आरोपी
- उधर, एसआईटी अब ईडी और इनकम टैक्स विभाग को जांच के लिए लिखेगी
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लॉकडाउन के बावजूद हरियाणा में हो रहे शराब घोटाले में कई अधिकारी और सफेदपोश जांच के दायरे में आ सकते हैं। शुक्रवार देर रात हरियाणा, चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस ने शराब घोटाले के किंगपिन भूपेंद्र सिंह के चंडीगढ़ के सेक्टर-50 के ठिकाने पर छापा मारा। इस दौरान भूपेंद्र सिंह फरार हो गया। पुलिस को मौके से 97 लाख कैश, दो पिस्टल एक रेंज रोवर और चार मोबाइल फोन मिले।
मोबाइल फोन से कई वीआईपी नंबर मिले हैं। प्राथमिक जांच में मोबाइल फोन के माध्यम से कई राज खुलने की बातें कही जा रही हैं। वहीं, शनिवार देर शाम भूपेंद्र सिंह ने सोनीपत के खरखौदा थाने में सरेंडर कर दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। भूपेंद्र पर शराब तस्करी के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने पत्रकारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया कि मौके से बरामद टेलीफोन बोलेगा और राज खोलेगा। विज ने जो खुलासा किया है वह चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि आरोपी का हरियाणा सचिवालय में बेरोकटोक आना जाना था। वह यहां पर कई अधिकारियों के पास बैठा पाया जाता था। मामले में होने वली जांच दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।
उन्होंने कहा कि मैंने जांच में इसीलिए अशोक खेमका का नाम दिया है कि सभी संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारी बेनकाब हों। उन्होंने कहा कि अन्य दो अधिकारी भी जांच में सक्षम हैं, लेकिन खेमका के माध्यम से जांच हो जाए तो क्या बात है। विज ने यह भी कहा कि सीएम सुप्रीम हैं। उनकी पावर है कि वे जांच जिससे चाहें करवाएं। वे चाहें तो कोई अन्य अधिकारी नियुक्त कर दें।
विज ने बताया कि गोदामों से शराब चोरी मामले में आबकारी महकमे ने भी अपनी रपट दी है, जिसे संबंधित एफआईआर में शामिल कर दिया गया है। वहीं, अब एसआईटी जांच के लिए ईडी और इनकम टैक्स विभाग को भी लिखेगी। बता दें पुलिस ने शराब को खुर्दबुर्द करने के मामले में जांच के बाद दो थाना प्रभारियों समेत सात पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज किया था।
हरियाणा-चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस भी रही मौजूद
पुलिस को काफी देर तक भ्रम रहा कि जहां पर आरोपी छिपा है वह चंडीगढ़ का क्षेत्र है या फिर मोहाली का। देर रात यह पुख्ता हुआ कि चंडीगढ़ के सेक्टर-50 स्थित एक घर में आरोपी छिपा है। इसके बाद चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस को साथ में लेकर हरियाणा पुलिस की एसआईटी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
मुझे एक अधिकारी ने बताया है कि भूपेंद्र सिंह का कई अधिकारियों के पास आना-जाना था। मैंने पुलिस से कहा था कि जैसे भी हो इसे पकड़ो। रेंज के आईजी ने पहले ही एक एसआईटी बना रखी है इसे पकड़ने के लिए। यह जल्द ही सभी के राज खोलेगा। - अनिल विज, गृह मंत्री