हरियाणा विधानसभा: यूरिया किल्लत पर सदन में भिड़े कृषि मंत्री दलाल और किरण चौधरी
किरण चौधरी का आरोप है कि मंत्री के हलके में खाद के लिए लाइनें लगी वहीं जेपी दलाल ने पलटवार कर कहस कि वो ट्वीटर से राजनीति करती हैं।
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हरियाणा में यूरिया की किल्लत को लेकर विधानसभा में कृषि मंत्री जेपी दलाल और कांग्रेस की विधायक किरण चौधरी में तीखी बहस हुई। किरण चौधरी ने आरोप लगाया कि खाद की कमी से लोगों की लाइनें लगी हुई हैं। खुद कृषि मंत्री के हलके में लोगों को खाद नहीं मिली। पलटवार करते हुए जेपी दलाल ने कहा, ट्वीटर से राजनीति करने वालों को जमीनी हकीकत का पता नहीं है।
प्रश्नकाल के दौरान लौहारू से विधायक किरण चौधरी ने खाद नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। चौधरी ने कहा कि पूरे प्रदेश में खाद ब्लैक में बिकी है। किसानों को खाद के लिए परेशानी झेलनी पड़ी और सरकार ने इसके लिए कोई पुख्ता तैयार नहीं की। जवाब में दलाल ने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है।
इतना कहते ही किरण चौधरी ने दलाल पर हमला बोल दिया और सदन में झूठी जानकारी देने का आरोप लगाया। दलाल ने कहा कि आप सोशल मीडिया से राजनीति करते हैं, जमीनी स्तर पर जाकर देखें कि किसानों की फसलें किस तरह से लहलहा रही हैं। जवाब में चौधरी ने कहा, ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों को भी देख लेना।
15 मिनट तक दोनों नेताओं में जमकर बहस चली। सदन में आंकड़े पेश करते हुए दलाल ने बताया कि रबी मौसम के दौरान 9 मार्च तक किसानों को 10.80 लाख मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक उपलब्ध कराया जा चुका है, जो कि पिछले वर्ष की खपत (10.51 लाख मीट्रिक टन यूरिया) से अधिक है। राज्य में 1.38 लाख मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक भी उपलब्ध है।
चौधरी के इशारों पर सीएम ने जताई आपत्ति
बहस के दौरान किरण चौधरी ने मंत्री जेपी दलाल को अंगूठा दिखा दिया था। दोनों की बहस के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी खड़े हुए। सीएम ने किरण चौधरी के मंत्री की तरफ किए गए इशारों पर सवाल उठाए आपत्ति जताई। मनोहर लाल ने कहा कि सदन में बहन किरण के इशारे ठीक नहीं है।
किसानों को 1357 करोड़ का मुआवजा
चंडीगढ़। खरीफ 2020 और खरीफ 2021 के दौरान कीट और बेमौसमी बारिश से हुए नुकसान के कारण किसानों को 1357.12 करोड़ रुपये की राशि दी गई। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2020-21 (खरीफ 2020 व रबी 2020-21 दोनों) के अंतर्गत किसानों से कुल प्रीमियम 340.99 करोड़ रुपये एकत्रित किया, जबकि किसानों को दिया गया मुआवजा 1151.43 करोड़ रहा। इसी प्रकार, 2021-22 (केवल खरीफ 2021) के तहत किसानों से एकत्रित किया गया प्रीमियम 242.49 करोड़ है, जबकि किसानों को दिया गया मुआवजा के अंर्तगत 1016.56 करोड़ देय है तथा 534.94 करोड़ रुपये वितरित किया है।
छह साल में कीटनाशकों, बीज और उर्वरकों के 1006 सैंपल फेल
पिछले छह साल में हरियाणा में कीटनाशकों, बीज और उर्वरकों के कुल 1006 सैंपल फेल पाए गए हैं। अहम बात ये है कि इनमें से मात्र 96 पर ही जुर्माना किया गया, जबकि आज तक एक भी व्यक्ति को सजा नहीं हुई है। कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के सवाल के जवाब में कृषि मंत्री जेपी दलाल ने विधानसभा में यह आंकड़े पेश किए। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 से लेकर अब तक कुल 38932 सैंपल लिए गए। इनमें से 1006 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे और विभाग ने उन्हें घटिया माना है।
साल के हिसाब से जुर्माने की बात करें तो सबसे अधिक 2019-20 में उर्वरकों के मामलों में 17 और कीटनाशकों के 13 को जुर्माना किया है। वर्ष 2020-21 में उर्वरक और कीटनाशकों के 10-10 पर जुर्माना ठोका है। वर्ष 2021-22 की बात करें तो केवल उर्वरक के सैंपल फेल होने पर 4 पर जुर्माना किया है, कीटनाशक और बीज के मामले में कोई जुर्माना नहीं किया है। इसके साथ ही वर्ष 2021-22 के लिए सैंपलों का लक्ष्य भी तय किया है। इसके तहत उर्वरक के 3825, कीटनाशक के 2625 और बीज के 3810 सैंपल लेने का लक्ष्य रखा है।
चर्चा के लिए सदन में पेश किए सात विधेयक
हरियाणा विधानसभा सत्र में सोमवार को कुल 7 विधेयक सदन पटल पर रखे गए। इनमें हरियाणा विधि (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक, 2022, हरियाणा निरसन विधेयक, 2022, हरियाणा अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विधेयक, 2022, हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2022, हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022, हरियाणा सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2022 और हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2022 शामिल हैं। इन विधेयकों को विस्तार से चर्चा के उपरांत पारित किया जाएगा।